SCBA अवमानना मामला: संजय राउत को व्यक्तिगत रूप से और निखिल वागले को वर्चुअल पेश होने का SC का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने CJI और न्यायपालिका पर टिप्पणी मामले में संजय राउत को व्यक्तिगत रूप से और निखिल वागले को वर्चुअल पेश होने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और न्यायपालिका के खिलाफ की गई टिप्पणियों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है, जबकि पत्रकार निखिल वागले को वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति दी गई है। यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा दायर एक आपराधिक अवमानना याचिका के बाद हो रही है।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पाया कि निखिल वागले ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी है और बिना शर्त माफी मांगी है। उनकी वकील वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जैसिंग ने अदालत को बताया कि वागले को अपने शब्दों पर गहरा पछतावा है और उनका इरादा किसी का अपमान करना नहीं था। चूंकि वागले मुंबई में रहते हैं, इसलिए कोर्ट ने उन्हें फिलहाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की छूट दी है, हालांकि जरूरत पड़ने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाया जा सकता है।
न्यायपालिका की गरिमा और कोर्ट की टिप्पणी
दूसरी ओर, संजय राउत की अनुपस्थिति और उनके द्वारा कथित तौर पर साझा की गई एक अन्य पोस्ट ने कोर्ट का ध्यान खींचा। SCBA ने अदालत को बताया कि राउत ने एक ऐसी पोस्ट साझा की थी जिसमें अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट को प्रदर्शनकारियों द्वारा जलाए जाने का जिक्र था। इस पर जस्टिस कुमार ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला पूरी न्यायिक संस्था से जुड़ा है और न्यायपालिका ने हमेशा दूसरों के अधिकारों के लिए स्टैंड लिया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने विपक्षी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था और उन्हें याचिका दायर कर अदालत आने की सलाह दी थी। इसके बाद राउत और वागले द्वारा की गई टिप्पणियों को SCBA ने आपत्तिजनक माना। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने भी इन टिप्पणियों को 'स्कैंडलस' मानते हुए आपराधिक अवमानना की कार्यवाही के लिए अपनी लिखित सहमति दे दी थी। अब 17 नवंबर को दोपहर 2 बजे इस मामले की अगली सुनवाई होगी, जिसमें संजय राउत की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य है।