दिल्ली में AQI 241 पहुंचा, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और CAQM को लगाई फटकार
दिल्ली में AQI 241 पहुंचने पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और CAQM को फटकारा। पटाखों और प्रदूषण नियंत्रण पर जताई गंभीर चिंता।

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में एक बार फिर हवा जहरीली होने लगी है। दशहरा उत्सव के बाद शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 241 के स्तर पर पहुंच गया है, जिसे देखते हुए दिल्ली वायु प्रदूषण सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक गंभीर मुद्दा बना। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वरले की बेंच ने दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई। कोर्ट ने साफ कहा कि सर्दियों के दौरान प्रदूषण रोकने के लिए दिए गए निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है।
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि केवल पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना ही समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि त्योहारों की भावनाओं का सम्मान करना भी जरूरी है। हालांकि, कोर्ट ने यह चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी कर आदेशों का मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों के हवाले से कोर्ट ने बताया कि पटाखों का धुआं प्रदूषण में बड़ी भूमिका निभाता है। यहां तक कि 'ग्रीन पटाखे' भी नियमित पटाखों की तुलना में लगभग 70% प्रदूषक उत्सर्जित करते हैं।
प्रदूषण से बचाव और सरकारी कदम
प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए CAQM ने 21 अक्टूबर 2026 को 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया था। वहीं, दिल्ली सरकार ने अपने 'विंटर एक्शन प्लान 2026-27' के तहत 1 नवंबर से 50% वर्क-फ्रॉम-होम का प्रावधान किया है।
- स्वास्थ्य चेतावनी: फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप कुमार ग्रोवर ने अस्थमा और COPD के मरीजों को बाहर निकलने से बचने और N95 मास्क पहनने की सलाह दी है।
- कोर्ट का रुख: सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी सुरक्षा उपायों के साथ पटाखों की लड़ियों के इस्तेमाल की अनुमति दी है, लेकिन बेरियम आधारित ग्रीन पटाखों पर फैसला पर्यावरण समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
इससे पहले जस्टिस विक्रम नाथ ने भी टिप्पणी की थी कि दिवाली के बाद आमतौर पर राजधानी की हवा की स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है, जिससे आम जनता की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।