सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: दिल्ली के सेंट्रल रिज से हटेंगे विदेशी पेड़, रुकी कंटेंप्ट कार्यवाही

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली वन विभाग को सेंट्रल रिज से विदेशी पेड़ों को हटाने की अनुमति दे दी है। यह आदेश दिल्ली इको-रेस्टोरेंट प्लान 2026-30 के नियमों के तहत दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड की देखरेख में होगी। इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा शुरू की गई कंटेंप्ट कार्यवाही पर भी रोक लगा दी है।
अदालत में सुनवाई के दौरान वन विभाग की तरफ से यह दलील दी गई थी कि विलायती कीकर और यूकेलिप्टस जैसे विदेशी पेड़ों को हटाना जरूरी है। इन पेड़ों को हटाने से नीम, बरगद, पीपल, जामुन और अमलतास जैसे देशी पेड़ों के विकास में मदद मिलेगी। कोर्ट का यह आदेश वन विभाग द्वारा हाईकोर्ट के 20 अगस्त के आदेश को चुनौती देने के बाद आया है। मूल याचिका में रिज क्षेत्र में निर्माण और पेड़ हटाने पर रोक का मामला उठाया गया था।
सरकारी पक्ष के अनुसार, वार्षिक योजना के तहत 191 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 22,188 विदेशी पेड़ों को हटाया जाना है। इनमें से करीब 9,000 पेड़ पहले ही हटाए जा चुके हैं और लगभग 120 हेक्टेयर में नए पौधे लगाए गए हैं। अब लगभग 13,000 विदेशी पेड़ हटाए जाने बाकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वन विभाग को इस कार्य की अंतरिम अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक को विशेषज्ञों की टीम गठित करने को कहा गया है।