CJP नेताओं की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने अब उन्हें 21 अक्टूबर तक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आरोपियों का पिछला व्यवहार और रिकॉर्ड यह भरोसा नहीं दिलाता कि वे भविष्य में ऐसी गलतियां नहीं दोहराएंगे।
दरअसल, इन दोनों नेताओं को पहले ही 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। सोमवार को जब उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, तो दिल्ली पुलिस ने उनकी हिरासत और बढ़ाने की मांग की। SEM रितु राज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हिरासत को 2 दिन और बढ़ाने का फैसला किया। कोर्ट ने यह भी पाया कि आरोपियों ने 11 अक्टूबर को दिए गए बॉन्ड की शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन किया और शांति भंग करने की कोशिश की।
कानून के प्रति सम्मान की कमी और फर्जी जमानत पर सवाल
अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि आरोपियों का आचरण कानून के प्रति सम्मान नहीं दिखाता और वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन बुलाने के आदी हो चुके हैं। कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) द्वारा पेश किए गए सबूतों को सही माना और कहा कि सार्वजनिक शांति बिगड़ने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील अभिक चिमनी ने दलील दी कि उनके मुवक्किलों ने 10 अक्टूबर के बाद कोई विरोध प्रदर्शन नहीं बुलाया है और उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। हालांकि, जब कोर्ट ने जमानतदारों (Sureties) से पूछताछ की, तो मामला और बिगड़ गया। कोर्ट ने पाया कि जमानतदार टीरथ के आधार कार्ड और बॉन्ड की तस्वीरों में अंतर था, जबकि दूसरे जमानतदार मन्नू राज आनंद आरोपी सौरव दास की बुनियादी जानकारी तक नहीं दे पाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये जमानतदार आरोपियों को कोर्ट में पेश कराने की क्षमता नहीं रखते, इसलिए उन्हें खारिज कर दिया गया और नए जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी, तब तक दोनों नेता हिरासत में रहेंगे।