दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज और कार्यकर्ता हिरासत में, प्रवेश वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन

दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान कथित थप्पड़ कांड को लेकर रविवार को बड़ा विवाद सामने आया। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई दिल्ली सरकार और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान की गई। आप नेताओं ने एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया था कि तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक स्थानीय युवक को थप्पड़ मारा था। घटना के बाद से ही राजनीतिक माहौल गर्म है और आप कार्यकर्ता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान एक आप कार्यकर्ता ने कहा कि जब तक प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, हम यहाँ से नहीं हटेंगे और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। घटना से जुड़ा विवरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया गया है।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर पोस्ट कर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के संरक्षण में भाजपा मंत्री प्रवेश ने सरेआम एक युवक को थप्पड़ मारा और पुलिस ने अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। जब वे डीसीपी कार्यालय जवाब मांगने गए, तो वरिष्ठ अधिकारियों ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार कर लिया। ANI से बातचीत में भारद्वाज ने कहा कि एसएचओ के सामने लड़के को थप्पड़ मारा गया, सभी वीडियो सबूत मौजूद हैं, लेकिन पुलिस सिर्फ जांच की बात कह रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा सदस्यों की गुंडागर्दी और बढ़ेगी।
दूसरी ओर, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। प्रवेश साहिब सिंह ने दावा किया कि आप कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को गालियां दीं और दुर्व्यवहार किया। एक्स पर जारी एक वीडियो बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि आप विधायक जरनैल सिंह के समर्थकों ने उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने आप नेता पर सड़क परियोजना के लिए कमीशन मांगने और सरकारी काम में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। प्रवेश सिंह ने कहा कि यदि कोई उनके परिवार को कुछ कहेगा या काम में बाधा डालेगा, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पुलिस में आधिकारिक शिकायत और एफआईआर पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है।