इंडिया गेट मार्च के दौरान सौरभ भारद्वाज हिरासत में, केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई को बताया चौंकाने वाला

Kittu Kumari4 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
इंडिया गेट मार्च के दौरान सौरभ भारद्वाज हिरासत में, केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई को बताया चौंकाने वाला

दिल्ली में रविवार को सियासी माहौल गरमा गया जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गेट की ओर मार्च कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गौरतलब है कि शुक्रवार को भी उन्हें जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।

पुलिस बस के अंदर से मीडिया से बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें फुटबॉल की तरह इधर-उधर फेंका गया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ बेहद रूखा व्यवहार किया गया। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि अगर राजनेताओं और पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है, तो आम जनता की स्थिति क्या होगी। उन्होंने इस सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए लोगों से इंडिया गेट पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।

केजरीवाल का हमला और महिला पत्रकारों के गंभीर आरोप

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस पूरी कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद चौंकाने वाला बताया और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी ने तो हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है।

वहीं, इस विरोध प्रदर्शन के बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है। पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर भारी हंगामा हुआ, जहां एक महिला पत्रकार ने पुलिसकर्मियों पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और कानूनी टीम की सदस्य रत्ना सिंह ने पीड़िता का समर्थन करते हुए पुलिस पर दबाव बनाया कि इस मामले में तुरंत FIR दर्ज की जाए।

सौरव दास ने आरोप लगाया कि पुलिस अपने ही एसीपी विवेक भगत को बचाने की कोशिश कर रही है और पीड़िता के साथ सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, गंभीर अपराध की रिपोर्ट मिलने पर FIR दर्ज करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां उसका पालन नहीं किया जा रहा है।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि 3 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है।

Share:

Comments

Leave a comment