सत्या निकेतन में अवैध पीजी पर कार्रवाई की मांग, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने की लिखित शिकायत

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के दिल्ली राज्य संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सत्या निकेतन में भाजपा विधायक अनिल शर्मा से जुड़े कथित अवैध पीजी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि यह सुविधा अनधिकृत निर्माण और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतों के बावजूद चल रही थी। उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे सिस्टम अवैध पीजी को संरक्षण देता है।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और राजनीतिक संरक्षण का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि यह पीजी सरकारी जमीन पर बनाया गया है और 2022 में इसके निर्माण के दौरान की गई शिकायतों को डीडीए, एमसीडी और उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया था। यह शिकायत अब मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, एमसीडी और डीडीए को भेजी गई है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वह अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह परिसर दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के उसी छात्र पीजी क्षेत्र में स्थित है, जहां 6 सितंबर 2026 को एक पीजी इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई थी।
एमसीडी और दस्तावेजों पर उठाए गए सवाल
एम्स दक्षिण जोन कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, आवेदक ने एमसीडी से बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए डीडीए कनवेंस डीड का उपयोग किया था। 18 अप्रैल 2016 की कनवेंस डीड के अनुसार, प्लॉट का आकार केवल 230.74 वर्ग गज है और स्वीकृत योजना के अनुसार केवल आवासीय उपयोग की अनुमति थी। हालांकि, 2022-23 में निर्मित इमारत ने लगभग 600 वर्ग गज क्षेत्र को कवर किया है।
कंपनी के शेयरधारक और आगे की कार्रवाई
वरिष्ठ आप नेता ने बताया कि इस पीजी से जुड़ी कंपनी में विधायक अनिल शर्मा के बेटे और भतीजे सहित अन्य लोग शेयरधारक हैं। सौरभ भारद्वाज ने मांग की है कि उपर्युक्त परिसर का तुरंत निरीक्षण किया जाए, स्वीकृत योजना के मुकाबले वास्तविक निर्माण की माप की जाए और नियमों के तहत तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जाए।