जंतर मंतर विरोध स्थल डी-नोटिफाई करने का मामला, सौरभ भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी मदद

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील की है। भारद्वाज का आरोप है कि केंद्र सरकार ने रातों-रात इस फैसले को लागू कर दिया, जबकि इस जगह को लेकर पहले से ही काफी विवाद चल रहा था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए और जल्द से जल्द अपना फैसला सुनाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में विरोध जताने के अधिकार और इस स्थल की अहमियत को देखते हुए न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है।
युवाओं के समर्थन में 'तिरंगा मार्च' का हिस्सा बनेगी आप
इसके साथ ही, सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'तिरंगा मार्च' का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं, विशेषकर जेन-जी (Gen-Z) द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को सभी राजनीतिक दलों का समर्थन मिलना चाहिए। भारद्वाज ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि CJP शुक्रवार को कनॉट प्लेस में राष्ट्रीय ध्वज फहराने जा रही है, तो AAP ने अपने गुरुवार के विरोध प्रदर्शन को टालकर उसे शुक्रवार के कार्यक्रम के साथ जोड़ने का फैसला किया।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि तिरंगा फहराना हर नागरिक का अधिकार है और कोई भी सरकार या पुलिस बल देश के युवाओं को अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से नहीं रोक सकता। भारद्वाज ने यहाँ तक कह दिया कि अगर युवाओं को तिरंगा फहराने से रोकने की कोशिश की गई, तो यह संकेत होगा कि ऐसा करने वाले लोग देश के दुश्मन हैं।
बता दें कि AAP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'तिरंगा लहराओ' अभियान का समर्थन किया है। यह फैसला CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों और अन्य कार्यकर्ताओं को मिल रही धमकियों के बीच लिया गया है।