एसआईआर प्रक्रिया पर आप का बड़ा हमला, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्रियों के वोटों पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की चुनावी सूची से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम गायब होने पर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को एसआईआर प्रक्रिया के तहत मैप नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति आईआईटी खड़गपुर से पढ़ा हो, टाटा में काम किया हो, यूपीएससी पास करके आईआरएस अधिकारी बना हो, रेमन मैग्सेएसई पुरस्कार जीता हो और तीन बार मुख्यमंत्री रहा हो, उसके सामने एसआईआर के तहत मैपिंग पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने पहले ही प्री-एसआईआर अभ्यास के दौरान करीब 10 लाख वोट हटा दिए थे और लगभग 43 प्रतिशत वोटों को हटाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कोई किराएदार सीधे सामने वाले घर में भी चला जाता है, तो भी उसे एसआईआर फॉर्म नहीं दिया जाता है जिसका मतलब है कि उसका वोट निश्चित रूप से काट दिया जाएगा। दिल्ली में ऐसे 'शिफ्टेड' मतदाताओं के नाम पर लगभग एक तिहाई वोट काटे जा चुके हैं।
एसआईआर प्रक्रिया के आवेदन पर सवाल उठाते हुए भारद्वाज ने दावा किया कि एसआईआर के नाम पर खुला फर्जीवाड़ा चल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शालीमार बाग में रहती हैं, जबकि सब जानते हैं कि उन्होंने दो घरों को मिलाकर एक बड़ा घर बनाया है, फिर बीएलओ को वह शालीमार बाग में कैसे मिल गईं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा सरकारी बंगले में रहते हैं लेकिन उनका वोट गोंडा, यमुना विहार में दर्ज है, जबकि पूरी दुनिया जानती है कि वह वहां नहीं रहते हैं। शिक्षा मंत्री आशीष सूद चाणक्यपुरी में बंगले में रहते हैं लेकिन उनका वोट जनकपुरी में कैसे पहुंच गया, और मंत्री रविंदर इंद्रराज डेढ़ साल से सरकारी घर में रह रहे हैं लेकिन उनका वोट रोहिणी सेक्टर 23, बवाना में दर्ज है। बीएलओ को इनमें से किसी की भी बात कैसे पता नहीं चली।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत गरीबों के वोटर कार्ड काटे हैं। उन्होंने कहा कि इस धोखाधड़ी की सजा उस गरीब व्यक्ति को दी जा रही है जो दिल्ली में अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि किसी गरीब महिला का वोटर कार्ड कट जाता है तो उसे आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा, पिंक कार्ड नहीं मिलने से बस किराए में पैसे खर्च होंगे और बच्चों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा।
सवा समाप्त करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है कि दिल्ली के लोग भाजपा से नाराज हैं और भाजपा हारने से डरती है इसलिए वोट काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर चलाया जा रहा यह पूरा अभियान एक दिखावा है और हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं ताकि कल कोई यह न कह सके कि विपक्ष ने इस मामले पर अपनी आवाज नहीं उठाई।