सत्येंद्र जैन Sewage Plant Tender Fraud Case में ACB द्वारा गिरफ्तार

Kittu Kumari19 August 20262 min read104 viewsDelhi Local
सत्येंद्र जैन Sewage Plant Tender Fraud Case में ACB द्वारा गिरफ्तार

दिल्ली सरकार की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को, पूर्व दिल्ली जल मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारियां Sewage Treatment Plants (STPs) के अपग्रेडेशन और टेंडर में कथित अनियमितताओं, आपराधिक षड्यंत्र और हेराफेरी की जांच के बाद की गई हैं (Source)।

  • दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय और चार अन्य गिरफ्तार।
  • लगभग ₹17.70 करोड़ के अपराध की आय की जांच जारी।
  • मामले में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धाराएं दर्ज।

अदालत में पेशी और रिमांड की मांग

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बुधवार, 19 अगस्त 2026 को सभी आरोपियों को Rouse Avenue Court में पेश किया गया। ACB ने जैन, राय और तीन अन्य के लिए 14 दिन की judicial custody की मांग की, जबकि पूर्व संविदा DJB कंसलटेंट अंकित श्रीवास्तव के लिए police custody मांगी गई।

जांच और टेंडर में हेराफेरी के आरोप

यह जांच 11 मई 2024 को डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुई थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि Euroteck Environment Pvt. Ltd. को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में हेराफेरी की गई, जिसमें अनावश्यक लागत और प्रतिबंधात्मक तकनीकी विनिर्देश शामिल थे। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुरा, M/s AN Enterprises के मालिक नागेंद्र यादव और M/s Srijanhar के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और रिश्वत के आरोप

ACB Joint Commissioner of Police विक्रमजीत सिंह ने इस विकास की पुष्टि की है क्योंकि एजेंसी कुल लगभग ₹17.70 crore के अपराध की आय की जांच कर रही है। जांच में इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं, जिनमें 2021 और 2022 के संचार शामिल हैं, जो प्रतिबंधात्मक टेंडर शर्तों को साझा करने की डिटेल देते हैं। इसके अलावा, अधिकारियों का आरोप है कि उदित प्रकाश राय को AN Enterprises के जरिए ₹1.52 crore की रिश्वत मिली, जिसका इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। Enforcement Directorate (ED) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की समानांतर जांच कर रही है और पहले ही ₹6.73 crore के अवैध कमीशन का पता लगा चुकी है।

बचाव पक्ष के तर्क और कानूनी कार्रवाई

अकोर्ट में सत्येंद्र जैन ने तकनीकी टेंडर विनिर्देशों की व्यक्तिगत जानकारी होने से इनकार किया और कहा कि वह विशेषज्ञों पर निर्भर थे तथा प्रोजेक्ट के प्री-बिड चरण के दौरान जेल में थे। आरोपियों के वकीलों ने गिरफ्तारियों को चुनौती दी है, जबकि AAP Legal Cell head संजीव नासिर ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। आरोपियों पर Prevention of Corruption Act और भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।

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