दिल्ली जल बोर्ड टेंडर घोटाला मामला: एसीबी ने आप नेता सत्येंद्र जैन को किया गिरफ्तार, 17.7 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का आरोप

दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन को एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने 18 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय समेत पांच अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है। यह गिरफ्तारियां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई हैं, जिसमें लगभग 17.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का अनुमान है। हिरासत में लिए गए अन्य लोगों में डीजेबी के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुरा और पंकज वर्मा शामिल हैं (स्रोत: ANI News)।
कोर्ट में पेशी और आरोपियों की रिमांड की मांग
19 अगस्त 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान, एसीबी ने जैन सहित पांच आरोपियों के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की, जबकि अंकित श्रीवास्तव के लिए दो दिन की पुलिस हिरासत मांगी गई। अदालत में सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें हर मामले में फंसाया जा रहा है। उनके कानूनी वकील ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का हवाला देते हुए इस गिरफ्तारी को चुनौती दी है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और एफआईआर की मुख्य बातें
गिरफ्तारी के बाद, आप (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद Kejriwal ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एसीबी को फोन करने के कारण यह हिरासत हुई है। इसके विपरीत, बीजेपी सांसद स्वाती मालीवाल ने केजरीवाल पर दिल्ली में लंबे समय से भ्रष्टाचार का एक रैकेट चलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि जैन पार्टी के लिए कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करते थे। यह जांच 10-11 मई 2024 को दर्ज एफआईआर से शुरू हुई थी, जो टेंडर की शर्तों में हेराफेरी और कथित तौर पर 1.52 करोड़ रुपये की घूस तथा लगभग 5 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन के सबूतों के इर्द-गिर्द घूमती है।