DJB Tender Corruption Case में पूर्व मंत्री Satyendar Jain गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई

Kittu Kumari18 August 20262 min read164 viewsDelhi Local
DJB Tender Corruption Case में पूर्व मंत्री Satyendar Jain गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली सरकार की Anti-Corruption Branch (ACB) ने मंगलवार, 17 अगस्त 2026 की देर रात पूर्व दिल्ली जल मंत्री और Aam Aadmi Party नेता Satyendar Jain को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए Aruna Asaf Ali Hospital ले जाया गया। यह मामला Delhi Jal Board (DJB) के तहत Sewage Treatment Plants (STPs) के अपग्रेडेशन के टेंडर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश की जांच से जुड़ा है (Source)। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

* Satyendar Jain को मंगलवार देर रात ACB द्वारा गिरफ्तार किया गया और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।

* यह गिरफ्तारी DJB में STPs के अपग्रेडेशन टेंडर में कथित भ्रष्टाचार की जांच का हिस्सा है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

* इस मामले में 11 मई 2024 को FIR दर्ज की गई थी जिसमें Prevention of Corruption Act और IPC की धाराएं शामिल हैं।

* Satyendar Jain के अलावा Udit Prakash Rai, Ankit Srivastava, Nagendra Yadav, Raja Kumar Kurra और Pankaj Verma भी गिरफ्तार हुए हैं।

* जांच के अनुसार Euroteck Environment Pvt. Ltd. को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर शर्तों में हेरफेर की गई थी।

FIR और अन्य गिरफ्तारियां

Directorate of Vigilance की शिकायत पर 11 मई 2024 को यह मामला दर्ज किया गया था। यह First Information Report (FIR) Prevention of Corruption Act, 1988 और Indian Penal Code के तहत धोखाधड़ी और साजिश के आरोपों में दर्ज की गई है (Source)। Satyendar Jain के साथ-साथ इस मामले में पूर्व DJB CEO Udit Prakash Rai, कंसलटेंट Ankit Srivastava और प्रोपराइटर Nagendra Yadav, Raja Kumar Kurra तथा Pankaj Verma को भी गिरफ्तार किया गया है। ACB का आरोप है कि Euroteck Environment Pvt. Ltd. को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर शर्तों में हेरफेर की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ (Source)।

फंड डायवर्जन और जांच के खुलासे

जांचकर्ताओं का आरोप है कि Udit Prakash Rai और उनके रिश्तेदारों को मध्यस्थ फर्मों M/s AN Enterprises और M/s Srijanhar के जरिए लगभग 1.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए, जिनका इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। Enforcement Directorate की 2025 की एक चार्जशीट में इस प्रोजेक्ट में कुल 17.7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का अनुमान लगाया गया था (Source)। इस बीच, AAP नेतृत्व ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदला बताया है, जबकि BJP प्रतिनिधियों ने इसे दिल्ली के नागरिकों के लिए न्याय की दिशा में एक कदम बताया है। Joint Commissioner of Police (ACB) Vikramjit Singh ने पुष्टि की है कि जांच में ऐसे सबूत मिले हैं जो प्रतिस्पर्धा को सीमित करने और मानक प्रोजेक्ट प्रोटोकॉल को दरकिनार करने के लिए बनाई गई प्रतिबंधों को दर्शाते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment