सत्य निकेतन इमारत ढहने का मामला: अदालत ने दो पीजी संचालकों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को सत्य निकेतन इमारत ढहने की घटना के मामले में दो पीजी संचालकों सुंधाशु और शुभम त्यागी को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह घटना 6 सितंबर 2026 को हुई थी जब बेसमेंट के काम के दौरान पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। इस इमारत में 'हॉस्टल डेज' पीजी चलाया जा रहा था और इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी। आरोपियों को इससे पहले दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
दिल्ली पुलिस की जांच के बाद एक एफआईआर दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया है कि इमारत की मूल नींव अतिरिक्त मंजिलों का भार सहने के लिए पर्याप्त नहीं थी। इस मामले में कई गिरफ्तारियां की गई हैं जिनमें इमारत के मालिक हरि राम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता शामिल हैं जिन्हें 7 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, श्रम ठेकेदार सanoj को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया था।
पीजी संचालकों के संबंध में, सुधांशु को 9 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि शुभम त्यागी ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद 11 सितंबर 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। यह संपत्ति अगस्त 2025 में दो अलग-अलग व्यावसायिक साझेदारियों के माध्यम से इन दोनों द्वारा किराए पर ली गई थी।
इस त्रासदी के जवाब में दिल्ली सरकार ने एक मजिस्ट्रेटी जांच शुरू की है। इसके अलावा, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अनधिकृत निर्माण के मामले में लापरवाही और कर्तव्य की अवहेलना के आरोप में सहायक इंजीनियर और दो जूनियर इंजीनियरों सहित पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।