सत्य निकेतन इमारत ढहने की घटना: दिल्ली हाईकोर्ट ने सात लोगों की मौत को बताया आपराधिक लापरवाही

Kittu Kumari16 September 20261 min read17 viewsDelhi Local
सत्य निकेतन इमारत ढहने की घटना: दिल्ली हाईकोर्ट ने सात लोगों की मौत को बताया आपराधिक लापरवाही

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को टिप्पणी की कि सत्य निकेतन इलाके में एक पेइंग गेस्ट इमारत के ढहने से सात लोगों की मौत कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि आपराधिक और लापरवाह आचरण का परिणाम थी। यह घटना 6 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास हुई थी।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास हुई इस इमारत ढहने की घटना से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अवलोकन किया। अदालत ने एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें उन चार छात्रों का जिक्र था जो उच्च शिक्षा की उम्मीदों के साथ छोटे शहरों से दिल्ली आए थे।

अदालत ने कहा कि यह कोई मामूली दुर्घटना नहीं है और इस बात पर भी ध्यान आकर्षित किया कि दिल्ली में लंबे समय से हॉस्टल आवास की कमी है। छात्र पिछले कई वर्षों से उच्च शिक्षा के लिए राजधानी आ रहे हैं और हॉस्टल की उपलब्धता का मुद्दा नया नहीं है।

यह जनहित याचिका सत्य निकेतन की घटना के संबंध में आरक्षक दानवीर राठी द्वारा दायर की गई है। अदालत ने निर्देश दिया कि इस मामले को 6 सितंबर की इस घटना से जुड़े अन्य मामलों के साथ 25 सितंबर को सुनवाई के लिए लिया जाए।

दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित पांच मंजिला इमारत का उपयोग लड़कों के पीजी आवास के रूप में किया जा रहा था, जो 6 सितंबर को मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई थी। इस दुर्घटना में छात्रों और श्रमिकों सहित सात लोगों की मौत हो गई थी।

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