CJP विरोध प्रदर्शन: 'ट्रेनें रोकीं, बॉर्डर सील किए', संजय राउत ने केंद्र सरकार को घेरा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने जिस तरह की सख्ती बरती है, उस पर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। शिव सेना (UBT) के नेता संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता की आवाज को दबाने के लिए दिल्ली को एक किले में तब्दील कर दिया गया है। राउत का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं और कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए ट्रेनों को बीच में ही रोका गया और दिल्ली की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से भारी सुरक्षा बल बुलाकर दिल्ली में तैनात किए गए हैं ताकि विभिन्न संगठनों के सदस्य और युवा एकजुट न हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक जन-आंदोलन है और सरकार जनता की आवाज को इस तरह खामोश नहीं कर सकती।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हिरासत की खबरें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर होने वाले इस विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली जिले को 20 ऑपरेशनल जोन में बांटा गया है और हर जोन के लिए अलग डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 35,000 जवान तैनात हैं।
इस बीच, हिरासत की कई खबरें सामने आई हैं। CJP कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें दावा किया गया कि मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें और उनके साथियों को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं, CJP ने यह दावा भी किया कि कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने का प्रस्ताव दिया है और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम की गई है। इसके अलावा, हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी कई ट्रेनें रद्द बताई जा रही हैं। पुलिस ने जुलाई में हुए प्रदर्शनों जैसी स्थिति से बचने के लिए इस बार पुलिस टीमों को लाठी और बैटन ले जाने की अनुमति दी है। हिरासत में लिए गए लोगों को छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे छह निर्धारित केंद्रों पर ले जाने की व्यवस्था की गई है।