साकेत कोर्ट ने पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत खारिज की
साकेत कोर्ट ने पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध सड़क निर्माण की शिकायत को अधिकार क्षेत्र की कमी के कारण खारिज कर दिया।

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती के लिए राहत की खबर आई है। साकेत जिला अदालत ने उनके और 13 अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार की एक शिकायत को खारिज कर दिया है। यह मामला संजीव सैनी द्वारा दायर किया गया था, जिसमें पूर्व मंत्री और अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
शिकायतकर्ता संजीव सैनी ने अदालत से मांग की थी कि सोमनाथ भारती और मालवीय नगर के एसएचओ सहित 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। आरोप था कि इन्होंने मिलकर रिश्वतखोरी की और एक तालाब के लिए निर्धारित जमीन पर अवैध रूप से कंक्रीट की सड़क का निर्माण करवाया।
अदालत ने क्यों खारिज की अर्जी?
22 अक्टूबर, 2026 को इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) भानु प्रताप सिंह ने फैसला सुनाया कि यह आवेदन अदालत में विचारणीय नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत आने वाली शिकायतों पर सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र इस अदालत के पास नहीं है।
मजिस्ट्रेट सिंह ने अपने आदेश में कहा, "यह अदालत इस विचार का है कि वर्तमान आवेदन इस कोर्ट के समक्ष विचारणीय नहीं है क्योंकि इस कोर्ट के पास भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत शिकायतों का अधिकार क्षेत्र नहीं है। तदनुसार, यह आवेदन खारिज किया जाता है।"
इस कानूनी कार्रवाई के जरिए शिकायतकर्ता ने पूर्व मंत्री और पुलिस अधिकारियों पर तालाब की संपत्ति पर अवैध बुनियादी ढांचा परियोजना को सुविधाजनक बनाने का आरोप लगाया था, लेकिन क्षेत्राधिकार की तकनीकी वजह से कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।