सहारनपुर के व्यापारियों ने दिल्ली में दिखाई एकजुटता, व्यापार मण्डल के 45वें राष्ट्रीय सम्मेलन में की बड़ी मांगें

नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल का 45 वां राष्ट्रीय सम्मेलन और राष्ट्रीय व्यापारी दिवस आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में सहारनपुर जनपद से बड़ी संख्या में व्यापारियों ने प्रतिभाग किया। गौरव सिंघल की रिपोर्ट के अनुसार, देश में वर्ष 1981 से व्यापारी एकता एवं व्यापारी हितों के लिए और संस्थापक पं. श्याम बिहारी मिश्रा के मार्ग पर चलते हुए यह आयोजन हुआ।
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएं और आयोजन
नई दिल्ली से लौटे भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन में देशभर के 28 प्रांतों से आए लगभग दो हजार व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने किया तथा संचालन वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री मुकुन्द मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व राज्य सभा सांसद साधना सिंह समेत देश भर के सभी राज्यों के वरिष्ठ व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
व्यापारियों द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें
सम्मेलन में प्रमुख रूप से ऑन लाइन कारोबार के कारण छोटे व्यापारियों को हो रहे नुकसान को बचाने के लिए रेगूलेटिंग एक्ट लाने की मांग की गयी। साथ ही विभिन्न जीएसटी दर स्लैब को कम करने तथा इसके सरलीकरण की मांग के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों में मंडी कर दरों में एकरूपता लाने की मांग की गई। इसके अलावा, सभी खाद्य उत्पादों को उनके वजन से पैकजिंग को भिन्न किये बिना शून्य किये जाने की मांग की गई तथा अनाज, दालें, और तिलहन की सफाई, ग्रेडिंग व छंटाई की मशीनें, एलइडी लैम्प, हार्डवेयर, स्टैनलेश स्टील पर भी चर्चा हुई। व्यापारी प्रतिनिधियों ने मांग की कि केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा रेवडियों पर भी रोक लगनी चाहिए क्योंकि यह कर दाताओं पर अनावश्यक बोझ डालती है।
स्थानीय व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर
व्यापारियों ने मांग की कि स्थानीय उत्पाद, स्थानीय बाजार एवं स्थानीय पर्यटन को बढावा देने के लिए भारत के 500 जिलों से बढाकर 1000 जिलों तक टारगेट रखा जाये। लोकल फोर ग्लोबल में व्यापार गांव से विदेश तक कैसे जाये, ऑनलाईन व्यापार व्यवस्थित हो तथा कानूनी दायरे में हो, इस पर बात हुई। मॉल संस्कृति बाजार में बैठे व्यापारियों के व्यापार को समाप्त कर रही है, जिसे रोका जाए। लघु एवं मध्यम उद्यमियों को बाजार में मजबूती देने के लिए योजनाएं बनाई जानी चाहिए। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल सात करोड़ व्यापारियों, कपड़ा के व्यापारी एवं एमएसएमई कपड़े के उद्योग, स्टील बर्तन और चमड़ा उद्योग, फर्नीचर, प्लास्टिक उद्योग तथा 9 हजार कृषि उपज मंडी समितियों, तेल मिलों, मसाला उद्योगों, दाल मिलों, आटा मिलों और अन्य सभी खाद्य जिंसों के निर्माताओं की एकमात्र संस्था है।
अतिथियों का सम्मान और आश्वासन
सम्मेलन में आए केन्द्रीय मंत्री व सांसदों ने आश्वासन दिया कि वे व्यापारियों की सभी मांगों को केंद्रीय वित्त मंत्री, जीएसटी काउन्सिल व सम्बन्धित विभागों के मंत्रियों के समक्ष रखेंगे। क्योंकि व्यापारी वर्ग देश के विकास की रीढ़ है और विभिन्न करों के रूप में 70 प्रतिशत से भी अधिक कर व्यापारी वर्ग संग्रह करके केन्द्र व राज्य सरकारों को देता है। सभी अतिथियों को भामाशाह पुरस्कार व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में भाग लेने वालों में प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, दीपक राज सिंघल, वरयाम खान, दीपक कुमार शामिल रहे। (नोट- इस खबर का फोटो संलग्न है।)