सहारनपुर में जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान और मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन द्वारा स्कूलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विद्यालयों में शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और विद्यार्थियों से संवाद कर शैक्षिक गुणवत्ता परखी।
जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने विकास खंड बलियाखेड़ी के उच्च प्राथमिक विद्यालय चुनहेटी गाड़ा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कु. कोमल भी उपस्थित रहीं। विद्यालय में कुल 399 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिसके सापेक्ष निरीक्षण के समय 321 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका श्रीमती शर्मिष्ठा पिपला को विद्यालय में शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया जाए। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षिक प्रगति की जानकारी ली और कक्षा 7 व 8 के विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछे। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों द्वारा गिनती, पहाड़े एवं अंग्रेजी वर्णमाला सुनाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने विद्यालय में आरबीएसके कार्यक्रम, मध्यान्ह भोजन योजना और कायाकल्प के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी कक्षा-कक्षों में प्रतिदिन नियमित साफ-सफाई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सप्ताह में एक दिन बैगलेस डे आयोजित कर खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सप्ताह में कम से कम एक बार अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति की जानकारी साझा करने को कहा।
मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन द्वारा विकास खंड बलियाखेड़ी के मॉडल प्राइमरी स्कूल उनाली का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, कक्षा-कक्षों, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं तथा शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली और उन्हें नियमित अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन करने और शिक्षण अधिगम सामग्री का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।