दिल्ली विरोध प्रदर्शन से पहले सपा नेता सादिक चौहान नजरबंद

राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों की सरगर्मियों के बीच पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के मीरापुर विधानसभा अध्यक्ष सादिक चौहान को पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:15 बजे उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई दिल्ली में प्रस्तावित एक बड़े विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई है।
दिल्ली में इन दिनों प्रदर्शनों को लेकर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, क्योंकि पिछले प्रदर्शनों के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी घटनाएं सामने आई थीं। प्रशासन की इस सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 11 अक्टूबर को ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े लगभग 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।
अखिलेश यादव ने जताई नाराजगी, सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार के इन कदमों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। गौरतलब है कि चुनावी सूचियों में गड़बड़ी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों में भारी आक्रोश है।
दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की योजना थी। हालांकि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 11 अक्टूबर को ही हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोर्ट परिसर के पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाए गए निषेधाज्ञा आदेश हटाए जाएं। अदालत ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण नागरिकों को अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए।
तनाव इतना अधिक है कि दिल्ली आने वाले अन्य विपक्षी नेताओं को भी रास्ते में ही रोक लिया गया। खबरों के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस के दो जिला अध्यक्षों को भी 12 अक्टूबर को दिल्ली की ओर बढ़ते समय हिरासत में ले लिया गया।