सबज़ बुर्ज राउंडअबाउट पर जाम से मिलेगी राहत, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तैयार किया नया प्लान

हुमायूँ के मकबरे के पास सबज़ बुर्ज राउंडअबाउट पर जाम से राहत दिलाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बनाया नया प्लान।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
सबज़ बुर्ज राउंडअबाउट पर जाम से मिलेगी राहत, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने तैयार किया नया प्लान

दिल्ली के हुमायूँ के मकबरे के पास स्थित सबज़ बुर्ज राउंडअबाउट पर लगने वाले भीषण जाम से अब जल्द छुटकारा मिल सकता है। Sabz Burj traffic plan के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। यह कदम विशेष रूप से वीकेंड पर होने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए उठाया गया है, जिसकी वजह से अक्सर भोगल, ओबेरॉय फ्लाईओवर और लोधी रोड तक लंबी कतारें लग जाती हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने इस योजना को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), लोक निर्माण विभाग (PWD), NDMC और सुंदर नर्सरी प्रशासन को मंजूरी के लिए भेजा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वाहनों के दबाव को कम करना और सड़क की क्षमता को बढ़ाना है।

ट्रैफिक सुधार के लिए क्या हैं मुख्य सुझाव?

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प्रस्ताव में कई महत्वपूर्ण बदलावों की बात कही गई है ताकि गाड़ियाँ बिना रुके सुचारू रूप से चल सकें:

  • U-टर्न में बदलाव: लोधी रोड से आने वाले वाहनों को लोधी फ्लाईओवर से एक लेफ्ट-साइड कट के जरिए सुब्रमण्य भारती टी-पॉइंट की ओर मोड़ा जाएगा, जहाँ से वे यू-टर्न ले सकेंगे। इससे सुंदर नर्सरी की ओर जाने वाले ट्रैफिक के दबाव में कमी आएगी।
  • सड़क का विस्तार: सबज़ बुर्ज राउंडअबाउट के चारों ओर बने ऊंचे प्लेटफार्मों (raised platforms) की चौड़ाई कम करने का सुझाव दिया गया है, ताकि सड़क पर वाहनों के लिए अधिक जगह मिल सके।
  • एंट्री-एग्जिट में बदलाव: मथुरा रोड पर स्थित मौजूदा सबवे के पास हुमायूँ के मकबरे के प्रवेश और निकास द्वारों को बदलने या संशोधित करने का प्रस्ताव है।
  • पार्किंग की व्यवस्था: सड़क किनारे होने वाली पार्किंग की समस्या को खत्म करने के लिए पास के एक ITI कॉलेज में वैकल्पिक पार्किंग सुविधा विकसित करने की सिफारिश की गई है।

हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि यह पूरा प्लान अभी शुरुआती चरण में है। चूंकि यह इलाका ऐतिहासिक धरोहरों से घिरा है, इसलिए बुनियादी ढांचे में बदलाव करते समय विरासत संरक्षण नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल, ASI की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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