SBI डेटा ब्रीच: राज्यसभा सांसद ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र, स्वतंत्र जांच की मांग

राज्यसभा सांसद एए रहीम ने SBI कस्टमर डेटा डार्क वेब पर लीक होने के मामले में वित्त मंत्री को पत्र लिखकर स्वतंत्र जांच की मांग की है।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsNational
SBI डेटा ब्रीच: राज्यसभा सांसद ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र, स्वतंत्र जांच की मांग

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक होने का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस गंभीर सुरक्षा चूक को लेकर राज्यसभा सांसद एए रहीम ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। सांसद ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है ताकि यह पता चल सके कि आखिर ग्राहकों की निजी जानकारी लीक कैसे हुई और इसका दायरा कितना बड़ा है।

सांसद एए रहीम ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि व्यक्तिगत जानकारी के सार्वजनिक होने से पहचान की चोरी (Identity Theft), फिशिंग और वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा काफी बढ़ गया है। उन्होंने विशेष रूप से पेंशनभोगियों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के प्रति चिंता व्यक्त की, जो अपनी जमापूंजी और डेटा की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर भरोसा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही बैंकिंग सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आई हो, लेकिन डेटा का लीक होना अपने आप में एक बहुत बड़ी लापरवाही है।

ग्राहकों की सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

सांसद ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि इस घटना की जांच के लिए एक स्पष्ट समयसीमा तय की जाए। उन्होंने मांग की कि SBI को उन सभी ग्राहकों को तुरंत सूचित करना चाहिए जिनका डेटा लीक हुआ है, ताकि वे समय रहते सावधानी बरत सकें और धोखाधड़ी से बच सकें। साथ ही, उन्होंने संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए आसान माध्यम उपलब्ध कराने और जोखिम वाले ग्राहकों को सहायता देने की बात कही है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब SBI ने खुलासा किया कि डार्क वेब पर जांचे गए लगभग 3,75,000 रिकॉर्ड्स में से 3,897 ग्राहकों की निजी जानकारी (PII) मिली है। बैंक के मुताबिक, 16 अक्टूबर को उसे डिफेंस साइबर एजेंसी और CERT-In जैसे संस्थानों से इस खतरे की चेतावनी मिली थी। लीक हुए डेटा में ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, ईमेल, घर का पता, ब्रांच डिटेल्स और लोन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।

बैंक ने बताया कि उसने साइबर इंसिडेंट रिस्पांस प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया है और CERT-In द्वारा पैनल में शामिल एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी से आकलन कराया जा रहा है। हालांकि, सांसद एए रहीम ने मांग की है कि केवल आंतरिक जांच काफी नहीं है, बल्कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साइबर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जानी चाहिए और जहां भी लापरवाही पाई जाए, वहां जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Share:

Comments

Leave a comment