वकील से मारपीट का विरोध: रोहिणी कोर्ट में सोमवार को हड़ताल, पुलिस की एंट्री बैन

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में सोमवार को कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। पुलिस द्वारा एक वकील के साथ कथित तौर पर की गई मारपीट और बदसलूकी के विरोध में रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने जोरदार प्रदर्शन का फैसला किया है। एसोसिएशन ने न केवल न्यायिक कार्यों से पूर्ण दूरी बनाने का ऐलान किया है, बल्कि विरोध स्वरूप सोमवार को कोर्ट परिसर में किसी भी पुलिस अधिकारी के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
यह पूरा विवाद 29 सितंबर 2026 को शुरू हुआ, जब महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में एडवोकेट कमलदीप के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बार एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वकील के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। इस घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके उलट पुलिस ने एडवोकेट कमलदीप के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के रवैये से आक्रोशित है लीगल कम्युनिटी
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव Tehran और मानद सचिव प्रदीप खत्री द्वारा जारी नोटिस में दिल्ली पुलिस और उत्तर-पश्चिम जिले के डीसीपी के व्यवहार की कड़ी निंदा की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि जॉइंट सीपी और डीसीपी ने पहले भरोसा दिलाया था कि मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर एक्शन होगा, लेकिन वकील पर केस दर्ज करना विश्वासघात जैसा है।
एसोसिएशन ने इस कदम को पूरी कानूनी बिरादरी की "पीठ में छुरा घोंपने" जैसा बताया है। बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने स्पष्ट किया है कि वे वकीलों की गरिमा, सुरक्षा और पेशेवर स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं करेंगे। सभी सदस्यों से अपील की गई है कि वे एकजुट होकर सोमवार को न्यायिक गतिविधियों को रोकें और इस अन्याय के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएं।