वकील की पिटाई का मामला: रोहिणी कोर्ट में कामकाज ठप, पुलिस की एंट्री बैन

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में सोमवार को उस समय सन्नाटा पसर गया जब वहां के वकीलों ने न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूरी बना ली। रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले वकील एक साथी वकील, कमलदीप के साथ महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में हुई कथित मारपीट और बदसलूकी के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। वकीलों का गुस्सा इस कदर है कि उन्होंने कोर्ट परिसर और नाइब कोर्ट में किसी भी जिले के पुलिस अधिकारियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
पुलिस की कार्रवाई पर वकीलों का आक्रोश
पूरा विवाद 29 सितंबर को शुरू हुआ, जब वकील कमलदीप के साथ पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर मारपीट की गई। बार एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने इस मामले को संयुक्त पुलिस आयुक्त और डीसीपी (उत्तर-पश्चिम जिला) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उठाया था। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आरोप है कि इसके उलट पुलिस ने खुद वकील कमलदीप के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया।
बार एसोसिएशन ने इस कदम को वकीलों की गरिमा और पेशेवर स्वतंत्रता पर हमला बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने केस दर्ज करने की बात उनसे छुपाई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वकीलों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी प्रैक्टिसिंग वकील को डराने या धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसका मुकाबला कानूनी तरीके से किया जाएगा।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि 29 सितंबर की घटना के संबंध में दो हेड कॉन्स्टेबल्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है और उन्हें जिला लाइन्स भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी साफ किया कि पुलिसकर्मियों की शिकायत पर एक क्रॉस-एफआईआर (Cross-FIR) दर्ज की गई है और दोनों पक्षों के आरोपों की गहन जांच की जा रही है।