रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने वापस लिया न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस के आश्वासन के बाद फैसला

रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन (RCBA) ने पुलिस प्रशासन के आश्वासन के बाद न्यायिक कार्यों से अपना बहिष्कार खत्म करने का फैसला किया है। यह कदम जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई एक अहम बैठक के बाद उठाया गया है। अब मंगलवार से कोर्ट में न्यायिक कामकाज फिर से सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।
दरअसल, यह पूरा विवाद 29 सितंबर को महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में वकील कमलदीप और उनके सहयोगी के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट के बाद शुरू हुआ था। इस घटना के विरोध में वकीलों ने न्यायिक कार्य से दूरी बना ली थी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा पर बनी सहमति
सोमवार को रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया। इसके बाद जिला जज प्रेम कुमार भरतवाल, अन्य न्यायाधीशों, डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट और डीसीपी रोहिणी के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में बार की चिंताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:
- मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच इकाई का गठन किया जाए ताकि बिना किसी भेदभाव के सच्चाई सामने आ सके।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और वकीलों की गरिमा, सुरक्षा और पेशेवर स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए।
- बार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित किया जाए ताकि किसी भी विवाद का तुरंत समाधान हो सके।
आरसीबीए सचिव प्रदीप खत्री द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों ने इन मुद्दों पर सकारात्मक विचार किया है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वकीलों ने स्पष्ट किया कि न्याय प्रशासन के व्यापक हित में पुलिस अधिकारियों का व्यवहार पेशेवर होना चाहिए और बार के सदस्यों के प्रति आपसी सम्मान बनाए रखना जरूरी है।