Asian Games Selection: ताइक्वांडो खिलाड़ी रोडाली बरुआ ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की

नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी रोडाली बरुआ ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने 20वें एशियाई खेल (आइची-नागोया, 2026) के लिए भारत की ताइक्वांडो टीम के चयन से जुड़ी अपनी याचिका पर तुरंत अंतरिम राहत खारिज किए जाने को चुनौती दी है। अपनी लेटर्स पेटेंट अपील (एलपीए) में बरुआ ने मुख्य रूप से 17 सितंबर के सिंगल जज के आदेश को रद्द करने और उन्हें एशियाई खेल के लिए विचार करने तथा तुरंत भारतीय टीम में शामिल करने के निर्देश देने की मांग की है।
* अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी रोडाली बरुआ ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
* अपील में 17 सितंबर के सिंगल जज के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है।
* याचिका में चयन प्रक्रिया, ट्रायल और परिणामों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है।
* एशियाई खेलों में ताइक्वांडो मुकाबले 1 से 3 अक्टूबर, 2026 तक होने निर्धारित हैं।
चयन प्रक्रिया और ट्रायल्स पर सवाल
अपील में यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि प्रतिवादी उस प्राधिकारी को रिकॉर्ड पर लाएं जिसके तहत 'इंडिया ताइक्वांडो' ने चयन ट्रायल आयोजित किए थे और एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए एथलीटों की सूची तैयार या अनुशंसित की थी। साथ ही लागू चयन मानदंड, कार्यवाही, परिणाम और सिफारिशें भी पेश करने को कहा गया है। बरुआ ने रिट याचिका के अंतिम फैसले तक ताइक्वांडो एथलीटों के चयन से संबंधित सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की भी मांग की है, जिसमें आवेदन, ट्रायल परिणाम, चयन मानदंड, मिनट, संचार, सिफारिशें और अनुमोदन शामिल हैं।
अदालत और मंत्रालय के आदेशों का हवाला
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि मामला बेहद जरूरी है क्योंकि एशियाई खेलों में ताइक्वांडो के मुकाबले 1 से 3 अक्टूबर, 2026 को होने हैं, जबकि टीम भेजने की समय सीमा 26 सितंबर बताई गई है। उन्होंने तर्क दिया कि भागने का अवसर न दिए जाने से उन्हें एक ऐसा मौका छिन जाएगा जो हर चार साल में केवल एक बार आता है। अपील संघ भारत सरकार और अन्य के खिलाफ दायर रिट याचिका से उपजी है। याचिका भारत के ताइक्वांडो दल के लिए चयन प्रक्रिया से संबंधित है और चयन ट्रायल आयोजित करने में 'इंडिया ताइक्वांडो' की भूमिका को चुनौती देती है।
खिलाड़ी की पृष्ठभूमि और कानूनी प्रतिनिधित्व
याचिका के अनुसार, अपीलकर्ता महिलाओं के +73 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी है और 'टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप' (TAGG) योजना का हिस्सा रही है। याचिका में कहा गया है कि वह विश्व रैंकिंग रखती है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी है। याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय के 27 अप्रैल, 2026 के एक आदेश का भी हवाला दिया गया है जिसमें केंद्र सरकार को ताइक्वांडो के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघ के कार्यों को करने के लिए एक तदर्थ समिति गठित करने का निर्देश दिया गया था, जब तक कि किसी उपयुक्त संगठन को मान्यता नहीं दी जाती। अपील एलपीए लेक्सक्युरिया लॉयर्स एलएलपी द्वारा दायर की गई है, जिसका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता अतानु सैकिया और मधुमिता भट्टाचार्जी कर रहे हैं।