RML अस्पताल के 666 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को मिला फायर क्लीयरेंस, जल्द शुरू होंगी सेवाएं
दिल्ली के RML अस्पताल के 666 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को फायर सेफ्टी क्लीयरेंस मिल गया है, जिससे अब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

दिल्ली के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के बहुप्रतीक्षित 666 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को आखिरकार दिल्ली फायर सर्विस (DFS) से अंतिम फायर सेफ्टी क्लीयरेंस मिल गया है। 23 अक्टूबर, 2026 को मिली इस मंजूरी के साथ ही अब इस आधुनिक चिकित्सा केंद्र को पूरी तरह चालू करने का रास्ता साफ हो गया है।
करीब 482 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ब्लॉक स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है। इस नए विंग के शुरू होने से अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू (ICU), पेट स्कैन की सुविधा और कैंसर के इलाज के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे मरीजों को अब लंबी लाइनों या बाहरी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
हाई कोर्ट की निगरानी और सुरक्षा मानकों की चुनौती
इस प्रोजेक्ट का सफर इतना आसान नहीं था। सोशल जुरिस्ट नामक नागरिक अधिकार समूह द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने इस निर्माण कार्य की कड़ी निगरानी की थी। हालांकि इस प्रोजेक्ट को 2022 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन निर्माण के बाद आधुनिक सुरक्षा नियमों के तहत वैधानिक क्लीयरेंस लेना अनिवार्य था।
सुरक्षा मानकों को पूरा करने की प्रक्रिया काफी लंबी चली, जिसमें केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने अहम भूमिका निभाई। फायर एनओसी (NOC) के लिए पहली बार आवेदन 16 जनवरी, 2026 को किया गया था, जिसके बाद मार्च 2026 में दिल्ली फायर सर्विस ने 20 कमियों की पहचान की थी।
इन खामियों को दूर करने के लिए लगातार काम किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 5 अगस्त, 2026 तक केवल तीन कमियां बची थीं। सितंबर की शुरुआत में CPWD ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया कि फायर टेंडर्स के लिए पर्याप्त जगह और अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों को पूरा करने का काम अंतिम चरण में है। अब अंतिम मंजूरी मिलने के बाद यह ब्लॉक मरीजों की सेवा के लिए तैयार है।