महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ के विरोध में दिल्ली-NCR की सड़कों पर उतरे बाइकर्स
दिल्ली-NCR में बाइकर्स ने महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ के विरोध में रैली निकाली। सुरक्षा के लिए अब लगेंगे 1 लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और CCTV।

दिल्ली-NCR की सड़कों पर उस समय एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब सैकड़ों बाइकर्स ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए आवाज उठाई। 'रोड सेफ्टी एंड राइड अगेंस्ट मोलेस्टेशन' के बैनर तले आयोजित इस रैली में बाइक सवारों ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली छेड़छाड़ और उत्पीड़न को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुहिम में इंडिपेंडेंट बाइकर्स ब्रिगेड और इंडिपेंडेंट राइडर्स ग्रुप ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसमें करीब 200 से 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस पूरी मुहिम की शुरुआत एक दुखद घटना के बाद हुई। गोल्फ कोर्स रोड पर शिवानी चौहान (सिया) नाम की एक महिला बाइकर के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई और उन्हें एक वाहन से टक्कर मार दी गई। इस घटना ने महिला बाइकर्स के सामने आने वाले खतरों को उजागर किया, जिसके बाद यश मेहंदी रट्टा, रीत मेहंदी रट्टा, देवी बनर्जी, रिया सिंह और सुमित मग्गो जैसे प्रमुख लोगों के नेतृत्व में इस जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि इस पहल को देश के 17 से 18 शहरों के राइडिंग समुदायों का भी समर्थन मिला।
सुरक्षा के लिए सरकार और पुलिस का बड़ा एक्शन
रैली के बाद प्रशासन ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहरी सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की योजना बताई है, जिसके तहत राजधानी में 1 लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें और 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी अपनी गश्त बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में फुट पेट्रोलिंग और मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। साथ ही, 'पिंक बूथों' पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक महिला कांस्टेबल्स की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
दूसरी तरफ, दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली प्रशासन, दिल्ली पुलिस और ऐप-आधारित कैब सेवाओं से जवाब मांगा है। कोर्ट चाहता है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त बनाया जाए, ताकि रूट बदलने या ड्राइवर और पैसेंजर के बीच गलत तालमेल जैसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।