जंतर मंतर प्रदर्शन: AI कैमरों को चकमा देने के लिए रिचा चड्ढा ने सिखाया खास मेकअप

दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री रिचा चड्ढा एक अनोखे अंदाज में सामने आई हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए एक मेकअप ट्यूटोरियल जारी किया है, जिसका मकसद AI-पावर्ड फेसियल रिकग्निशन और निगरानी कैमरों की नजर से बचना है। रिचा चड्ढा एंटी-सर्वेक्षण मेकअप के जरिए लोगों को यह बता रही हैं कि कैसे वे तकनीक के जरिए अपनी पहचान छिपा सकते हैं।
रिचा ने अपने वीडियो में 'CV Dazzle' तकनीक का सुझाव दिया है। इस तरीके में भौंहों पर कंसीलर लगाना, चेहरे पर नकली आंखें और होंठ बनाना और त्वचा पर छलावरण (camouflage) रंगों का इस्तेमाल करना शामिल है। यह तरीका चेहरे के मुख्य हिस्सों, जैसे आंखों की स्थिति, नाक के उभार और गालों की हड्डियों की बनावट के बीच के कंट्रास्ट को बदल देता है, जिससे ऑटोमेटेड डिटेक्शन सिस्टम भ्रमित हो जाते हैं।
क्या वाकई कारगर है यह तरीका?
इस तकनीक के पीछे वैज्ञानिक तर्क भी दिए जा रहे हैं। बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ द नेगेव के एक शोध के अनुसार, सॉफ्टवेयर द्वारा तैयार किए गए मेकअप पैटर्न उन्नत फेसियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर को 98% तक धोखा दे सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरीका पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। उनका कहना है कि आधुनिक निगरानी प्रणालियां अब केवल चेहरे पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे 3D बोन स्ट्रक्चर एनालिसिस, चाल (gait recognition) और फोन ट्राइएंगुलेशन का उपयोग करके भी लोगों को ट्रैक कर सकती हैं।
विशेषज्ञों ने यह चेतावनी भी दी है कि बहुत ज्यादा हाई-कंट्रास्ट मेकअप लगाने से आप कैमरों की नजर से तो बच सकते हैं, लेकिन वहां तैनात मानव गार्डों का ध्यान आसानी से आपकी ओर खिंच सकता है। इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी जताई गई हैं। तैलीय कॉस्मेटिक्स त्वचा पर आंसू गैस या पेपर स्प्रे जैसे रासायनिक उत्तेजकों को चिपका सकते हैं, जिससे चोटें और गंभीर हो सकती हैं।
प्रोफेशनल असेसमेंट में यह बात सामने आई है कि सजावटी मेकअप के बजाय साधारण फेस मास्क, काले चश्मे और टोपी पहनना अधिक व्यावहारिक और प्रभावी उपाय है। फिलहाल, रिचा चड्ढा की इस सलाह ने इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि डिजिटल निगरानी के दौर में रचनात्मक प्रतिरोध और तकनीकी प्रभावशीलता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।