BIRC 2026: चावल निर्यातकों को भुगतान सुरक्षा और क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट की सलाह

दिल्ली के भारत मंडपम में BIRC 2026 शुरू। चावल निर्यातकों को भुगतान सुरक्षा और नए FEMA नियमों के पालन की सलाह दी गई।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
BIRC 2026: चावल निर्यातकों को भुगतान सुरक्षा और क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट की सलाह

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 23 अक्टूबर, 2026 को 'भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस' (BIRC 2026) का शानदार आगाज हुआ। इस सम्मेलन में दुनिया भर के चावल व्यापारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जहां मुख्य जोर चावल निर्यात जोखिम प्रबंधन पर दिया गया। निर्यातकों को आगाह किया गया कि वे अपने भुगतान को सुरक्षित रखने के लिए खरीदारों का गहन सत्यापन करें, दस्तावेजों को पूरी तरह दुरुस्त रखें और अनुबंध की शर्तों को स्पष्ट रखें ताकि भविष्य में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।

नए नियमों और बाजार की चुनौतियों पर चर्चा

यह कॉन्फ्रेंस 25 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें अब तक 153 देशों के करीब 4,856 खरीदारों सहित कुल 32,467 लोगों ने पंजीकरण कराया है। सम्मेलन के दौरान 1 अक्टूबर 2026 से लागू हुए नए FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) नियमों पर विशेष चर्चा हुई। इन नए नियमों के तहत अब भारतीय रुपये में निर्यात आय प्राप्त करने की अवधि 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है, जिससे व्यापारियों को अधिक लचीलापन मिलेगा। साथ ही, मर्चेंटिंग ट्रेड पर लगी 9 महीने की सीमा को भी हटा दिया गया है।

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इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देव गर्ग ने कहा कि इस आयोजन का मकसद केवल व्यापार की मात्रा बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय चावल व्यापार में उच्च मूल्य (Value) पैदा करना है। वहीं, विशेषज्ञों ने फिलीपींस जैसे बाजारों को विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही वहां के सख्त क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का पालन करने की सलाह दी।

सम्मेलन में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और चुनौतियां भी सामने आईं:

  • उत्पादन में गिरावट: अनुमान है कि 2026-27 के मार्केटिंग वर्ष में भारत का चावल उत्पादन गिरकर 147 मिलियन मीट्रिक टन रह सकता है।
  • कीमतों में उछाल: एल नीनो के प्रभाव के कारण 2026 की चौथी तिमाही में कीमतों में 10-15% की वृद्धि हो सकती है।
  • ओडिशा की पहल: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से ओडिशा ने अपने आठ जिलों की 15 चावल और धान की किस्मों को प्रदर्शित किया है।
  • नियमों में ढील: Decree 365/2026/NĐ-CP के तहत अब ऑर्गेनिक और फोर्टिफाइड चावल के निर्यात के लिए स्टोरेज और रिजर्व संबंधी नियमों को सरल बनाया गया है।
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