दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नियमों की धज्जियां, बागपत में प्रतिबंधित वाहनों की एंट्री जारी

बागपत में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और ट्रैक्टरों की अवैध एंट्री से बढ़ा खतरा, NHAI के भारी जुर्माने के बावजूद जारी है उल्लंघन।

Kittu Kumari25 October 20262 min read0 viewsNCR
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नियमों की धज्जियां, बागपत में प्रतिबंधित वाहनों की एंट्री जारी

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर रफ्तार का रोमांच अब खतरे में बदलता दिख रहा है। बागपत इलाके में नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के सख्त निर्देशों और सुरक्षा नियमों के बावजूद प्रतिबंधित वाहनों का चलना जारी है। हैरानी की बात यह है कि दोपहिया वाहन, तीन पहिया वाहन और ट्रैक्टर जैसे धीमी गति के वाहन इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बेखौफ दौड़ रहे हैं, जिससे बड़े हादसों का डर बना हुआ है।

NHAI ने सुरक्षा कारणों से इन धीमी गति वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था। इसका मुख्य कारण यह है कि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां बहुत तेज रफ्तार में चलती हैं और ट्रैक्टर या बाइक जैसे वाहनों की धीमी गति के कारण अचानक टक्कर होने की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोग माविकला, कथा और बिजराल जैसे इलाकों में बने अनौपचारिक रास्तों (इलीगल कट्स) का इस्तेमाल कर एक्सप्रेसवे में घुस रहे हैं।

जुर्माने का डर नहीं, अवैध रास्तों से हो रही एंट्री

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नियमों को लागू करने के लिए NHAI ने गीता कॉलोनी और खेकड़ा के बीच 26 किलोमीटर के एलिवेटेड सेक्शन में उल्लंघन करने वालों पर 20,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसके बावजूद वाहन चालकों में डर नहीं दिख रहा है और नियमों की अनदेखी जारी है।

इस समस्या को और गंभीर बनाने में स्थानीय ढाबा संचालकों की भूमिका भी सामने आई है। बताया गया है कि कुछ ढाबा संचालकों ने अपनी सुविधा और ग्राहकों की एंट्री-एग्जिट के लिए क्रैश बैरियर्स में अवैध कट बना दिए हैं। हालांकि, बागपत पुलिस और NHAI ने संयुक्त अभियान चलाकर इन बैरियर्स को ठीक किया है, लेकिन यह समस्या बार-बार उभर कर सामने आ रही है।

प्रशासन ने एक बार फिर वाहन चालकों से अपील की है कि वे सुरक्षा संकेतों का पालन करें और निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें, ताकि इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर सफर सुरक्षित बना रहे और जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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