बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर बवाल, कांग्रेस ने लगाया सेंसरशिप का आरोप
प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने बीकानेर हाउस पर तस्वीरों को जबरन हटाने का आरोप लगाया है, जिसे कांग्रेस ने अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है।

दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित एक आर्ट एग्जीबिशन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया है कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी सोलो प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' (No Idea is Final) से 70 से ज्यादा तस्वीरों को जबरन हटवाया है। यह मामला अब अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक सेंसरशिप की बहस में बदल गया है।
रेहान वाड्रा के मुताबिक, इस प्रदर्शनी में कुल 105 तस्वीरें लगाई जानी थीं, जिनमें दिल्ली में हुए युवाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की झलकियां शामिल थीं। उन्होंने दावा किया कि बुधवार, 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे प्रबंधन ने उन्हें सूचित किया कि या तो शाम 5 बजे तक इन तस्वीरों को हटा लिया जाए, अन्यथा पूरी प्रदर्शनी को ही रद्द कर दिया जाएगा। इस दबाव के चलते उन्हें अपनी कलेक्शन को घटाकर केवल 35-40 तस्वीरों तक सीमित करना पड़ा।
राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीरों पर भी था विवाद
रेहान ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि अधिकारियों ने उनसे उन तस्वीरों को हटाने के लिए कहा जिनमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज दिखाई दे रहा था, हालांकि उन्होंने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया। वाड्रा का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शनी का पूरा प्रस्ताव और लेआउट काफी समय पहले प्रबंधन को सौंप दिया था, फिर भी ऐन मौके पर इस तरह की कार्रवाई की गई।
बीकानेर हाउस की बुकिंग गाइडलाइंस के अनुसार, वहां ऐसे कार्यों की अनुमति नहीं है जिनमें सांप्रदायिक या राजनीतिक सामग्री हो जो आपत्तिजनक मानी जा सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले पर प्रबंधन की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है और अधिकारियों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार बताया है।
फिलहाल, रेहान वाड्रा ने कहा है कि वह अपनी पूरी कलेक्शन को प्रदर्शित करने के लिए किसी अन्य जगह की तलाश कर रहे हैं, लेकिन तब तक यह प्रदर्शनी बीकानेर हाउस में सीमित तस्वीरों के साथ रविवार तक खुली रहेगी।