RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, दिल्ली NCR रियल एस्टेट सेक्टर में उम्मीद बरकरार

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है, जिससे यह अब 5.50% हो गया है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार है जब दरों में ऐसी वृद्धि देखी गई है। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 63वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। इस कदम का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आने वाला उतार-चढ़ाव और महंगाई की चिंताएं हैं।
आरबीआई ने अपना रुख 'न्यूट्रल' से बदलकर अब 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर लिया है। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5.25% और बैंक रेट व मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट को बढ़ाकर 5.75% कर दिया गया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए CPI मुद्रास्फीति का अनुमान 5.2% लगाया है, हालांकि तीसरी और चौथी तिमाही में यह आंकड़ा 6.0% और 5.7% तक जा सकता है। राहत की बात यह है कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 27 के लिए वास्तविक जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया है।
होम लोन महंगा होगा, लेकिन लग्जरी सेगमेंट में दिखेगी तेजी
रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर होम लोन की ब्याज दरों पर पड़ेगा, जिससे मध्यम आय वर्ग और पहली बार घर खरीदने वालों के बजट पर असर पड़ सकता है। इसके बावजूद, दिल्ली NCR के रियल एस्टेट बाजार में उत्साह बना हुआ है। CREDAI और NAREDCO जैसे संगठनों का मानना है कि आवास की मांग में स्थिरता बनी रहेगी।
- लग्जरी मार्केट: गुरुग्राम जैसे इलाकों में प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग पर इस बढ़ोतरी का खास असर नहीं पड़ने की उम्मीद है।
- डेवलपर्स की रणनीति: ग्राहकों को लुभाने के लिए बिल्डर्स अब फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लान और फेस्टिव ऑफर्स पेश करने की योजना बना रहे हैं।
- प्रमुख क्षेत्र: नोएडा और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और किफायती विकल्पों की वजह से डिमांड बनी रहने की संभावना है।
इस बैठक का विस्तृत विवरण 21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अगली MPC बैठक 2 से 4 दिसंबर 2026 के बीच होनी तय है।