RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा, दिल्ली एनसीआर रियल एस्टेट बाजार में बढ़ा भरोसा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर बनाए रखा है। दरों को लगातार चौथी बार स्थिर रखा गया है। 5-6 अगस्त 2026 के आसपास की गई इस घोषणा के बाद, उद्योगपतियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स ने इसकी सराहना की है। इससे दिल्ली नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) रियल्टी मार्केट में स्थिरता और भरोसा मजबूत हुआ है (Source: ANI)। इसके साथ ही, स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5.0 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट 5.50 प्रतिशत पर बना हुआ है, जबकि MPC ने 'तटस्थ' (neutral) पॉलिसी रुख बनाए रखा है।
- RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा
- दिल्ली एनसीआर रियल्टी मार्केट में विश्वास बढ़ा
- SDF रेट 5.0% और MSF रेट 5.50% पर कायम
- हाउसिंग और कमर्शियल सेक्टर को मिला बढ़ावा
इंडस्ट्री लीडर्स की प्रतिक्रिया
उद्योग जगत के नेताओं ने इस निरंतरता की प्रशंसा करते हुए हाउसिंग और कमर्शियल दोनों सेक्टर पर इसके सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया है। MRG ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर रज्जत गोयल ने बताया कि इस स्थिर दर से हाउसिंग मार्केट को स्थिरता मिलती है और होमबॉयर्स के लिए लोन की लागत अनुमानित रहती है। इसी तरह, सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का ने कहा कि इससे भारत के आर्थिक दृष्टिकोण में निश्चितता बढ़ती है और लॉन्ग-ترم कैपिटल डिप्लॉयमेंट को प्रोत्साहन मिलता है। CBRE के भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के चेयरमैन व सीईओ अंशुल मैगजीन के अनुसार, स्थिर ब्याज दरें होमबॉयर्स और डेवलपर्स को भरोसा देती हैं, निवेश निर्णयों में सहायता करती हैं और भविष्य की परियोजनाओं की योजना बनाने में मदद करती हैं।
त्योहारी सीजन की मांग और निवेश
इस नीति से फेस्टिव सीजन की हाउसिंग डिमांड और रेजिडेंशियल व कमर्शियल सेगमेंट में निवेश गतिविधि को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। NAREDCO के अध्यक्ष प्रवीन जैन ने पुष्टि की कि इस फैसले से कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी, MSMEs, बिल्डिंग मटेरियल इंडस्ट्री और इससे जुड़े लाखों कामगारों को गति मिलेगी। ओमैक्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित गोयल के अनुसार, बुनियादी ढांचे के निरंतर विकास और मजबूत एंड-यूज़र डिमांड के साथ, यह स्थिरता रियल्टी सेक्टर के भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। इस स्थिरता से होमबॉयर्स को स्थिर EMI के साथ बेहतर वित्तीय प्लानिंग करने का अवसर भी मिलता है।