साकेत कोर्ट ने खारिज की रत्ना सिंह की याचिका, पुलिस पर FIR की मांग नहीं मानी

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
साकेत कोर्ट ने खारिज की रत्ना सिंह की याचिका, पुलिस पर FIR की मांग नहीं मानी

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने एक वकील और 'कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल पैरिटी' (CJP) की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह की उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग की थी। रत्ना सिंह का आरोप था कि उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने उन्हें गलत तरीके से बंधक बनाया था।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अभिनव पांडे ने इस मामले की सुनवाई की और रत्ना सिंह की ओर से दायर आवेदन को नामंजूर कर दिया। याचिका में मांग की गई थी कि इस घटना के संबंध में पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और पुलिस से इस पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाए।

क्या था पूरा मामला?

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

आवेदन में बताया गया कि रत्ना सिंह अपने दो साथी वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट जा रही थीं ताकि वहां वकीलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल हो सकें। आरोप है कि जब वह अपने घर के बाहर एक कार में वकील तारा नरूला के साथ बैठी थीं, तब पुलिस ने उनकी गाड़ी को आगे और पीछे से दो कारों के जरिए ब्लॉक कर दिया। रत्ना सिंह का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और जब उन्होंने इस पाबंदी का कानूनी आधार पूछा, तो पुलिस ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

रत्ना सिंह ने अपनी याचिका में अपनी सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सवाल उठाए थे और कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी। उन्होंने तर्क दिया था कि पुलिस की यह कार्रवाई गलत थी और इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद कानूनी बिरादरी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है, जहां वकीलों के एकत्र होने और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार पर बहस छिड़ी हुई है।

Share:

Comments

Leave a comment