रामलीला मैदान बुकिंग: 2026 में बचे हैं सिर्फ 3 दिन, भारी खर्च और कड़े नियम

दिल्ली के सबसे चर्चित आयोजनों की जगह, रामलीला मैदान में साल 2026 के लिए बुकिंग की संभावनाएं अब लगभग खत्म हो चुकी हैं। दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों और विभिन्न कार्यक्रमों की पहले से हुई बुकिंग के कारण, अब केवल 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीखें ही खाली बची हैं। अगर आप यहां कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं, तो आपको अपनी जेब काफी ढीली करनी होगी।
रामलीला मैदान की बुकिंग दिल्ली नगर निगम (MCD) के बागवानी विभाग के जरिए होती है। यहां एक दिन का किराया 50,000 रुपये है, जबकि रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर 55,000 रुपये जमा करने होते हैं। टैक्स मिलाकर एक दिन के आयोजन का शुरुआती खर्च करीब 1.21 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। हालांकि, विरोध प्रदर्शनों के लिए मैदान का एक छोटा हिस्सा उपलब्ध है, जहां 150 लोग बिना किसी शुल्क के इकट्ठा हो सकते हैं, लेकिन बड़े आयोजनों के लिए दिल्ली पुलिस से एनओसी (NOC) लेना अनिवार्य है।
विरोध प्रदर्शनों के लिए नया केंद्र और बढ़ता विवाद
दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों के नियमों में 11 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा बदलाव आया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी स्टैंडिंग ऑर्डर के मुताबिक, अब जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई कर दिया गया है और रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थलों के रूप में नामित किया गया है। यह फैसला गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों के बाद लिया गया है।
इस फैसले ने व्यापारिक हलकों में चिंता बढ़ा दी है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AIMGTA) ने इसका कड़ा विरोध किया है। इन संगठनों का तर्क है कि रामलीला मैदान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और प्रमुख थोक बाजारों के बेहद करीब है, ऐसे में यहां होने वाले प्रदर्शनों से यातायात बाधित होगा और व्यापारिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ेगा।
मैदान के इस्तेमाल को लेकर अन्य नियम भी सख्त हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के तहत ऑनलाइन बुकिंग 90 दिन पहले की जा सकती है, जिसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट ढाई गुना देना होता है। इसके अलावा, पंजीकृत सोसायटियों के लिए साल में अधिकतम दो बुकिंग और कुल 45 दिनों की सीमा तय की गई है।
वहीं, एमसीडी ने अक्टूबर 2026 में 'ऑर्नामेंटल पार्कों' की नीति में कुछ ढील दी है। अब उन पार्कों में सामाजिक-धार्मिक आयोजन किए जा सकेंगे, जहां पिछले पांच वर्षों से ऐसे कार्यक्रम होते रहे हैं, बशर्ते इसका प्रमाण दिया जाए। यह कदम मई 2026 में नेहरू हिल पार्क में ईद कार्यक्रम के निरस्त होने के बाद उठाया गया, जो पुलिस एनओसी की कमी और नियमों के उल्लंघन के कारण रद्द कर दिया गया था।