भारतीय खेलों में महिलाओं के लिए बेहतर अवसर जरूरी: रक्षा खड़से
केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से ने कहा कि भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लिए महिला कोचों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है।

केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने भारतीय खेलों में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की वकालत की है। शनिवार को नई दिल्ली के दिल्ली लॉन टेनिस एसोसिएशन (DLTA) स्टेडियम में आयोजित 'ऑल विमेन कोचेस कोर्स' के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर भारत को एक अग्रणी खेल राष्ट्र बनना है, तो जमीनी स्तर से लेकर नेतृत्व तक महिलाओं के लिए अवसरों का विस्तार करना होगा।
यह कार्यक्रम ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) की 'ACE 2032' पहल के तहत आयोजित किया गया था। इस मौके पर मंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभा केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण, जनजातीय और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी छिपी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़कियों और महिलाओं को योग्य कोच, बेहतर बुनियादी ढांचा और नियमित प्रतियोगिताओं तक पहुंच मिलना अनिवार्य है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें।
कोचिंग और प्रशासन में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
रक्षा खड़से ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि महिलाओं के लिए अवसर केवल मैदान पर खेलने तक सीमित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, प्रशासन और इवेंट मैनेजमेंट जैसे पेशेवर क्षेत्रों में भी महिलाओं की संख्या बढ़नी चाहिए। कार्यक्रम में चर्चा की गई कि जब अधिक महिलाएं कोच बनेंगी, तो वे अन्य लड़कियों को भी खेल अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।
इस दौरान 'खेलो इंडिया' के तहत शुरू की गई 'अस्मिता' महिला लीग की सफलता का भी जिक्र हुआ। 2021 में शुरू हुई इस लीग ने अब तक तीन लाख से अधिक महिलाओं तक अपनी पहुंच बनाई है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि जमीनी स्तर की पहलों को खेलो इंडिया केंद्रों और उत्कृष्टता केंद्रों (Centres of Excellence) से जोड़ा जाना चाहिए ताकि प्रतिभाशाली एथलीटों को सही दिशा मिल सके।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कोचों ने भी अपने अनुभव साझा किए। तमिलनाडु की प्रीति श्रीनिवासन ने ग्रासरूट टेनिस के विकास पर जोर दिया, जबकि अरुणाचल प्रदेश की मार्नु रिबा ने खिलाड़ियों के समग्र विकास की बात कही। जम्मू-कश्मीर की हरजोत कौर ने शुरुआती स्तर के खिलाड़ियों के लिए फिटनेस प्रोग्राम को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता बताई।
इस पहल को युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का समर्थन प्राप्त है। इसी कड़ी में 10 दिसंबर से बेंगलुरु में भी एक कोर्स आयोजित करने की योजना है, जिसमें चयनित खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।