नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, राकेश टिकैत ने किया समर्थन

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को किसानों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) कार्यालयों के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण नीतियों के खिलाफ अपनी मांगें मनवाना है।
प्राधिकरण के मुख्य गेटों पर धरने पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन ने जेसीबी और डंपर लगाकर उनके रास्ते को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसानों ने इन बाधाओं को पार कर लिया। किसानों की मुख्य मांगें गजराज सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में 2011 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार विकसित आबादी भूमि के समान आवंटन से जुड़ी हैं।प्रदर्शकारियों का कहना है कि वर्तमान में नोएडा 5 प्रतिशत, ग्रेटर नोएडा 6 प्रतिशत और यमुना प्राधिकरण 7 प्रतिशत जमीन दे रहा है, जबकि अदालत के निर्देशानुसार अधिग्रहित भूमि का 10 प्रतिशत हिस्सा यानी अधिकतम 2,500 वर्ग मीटर तक के विकसित आवासीय भूखंड मिलने चाहिए। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे की मांग भी शामिल है, जिसका भुगतान नहीं किया गया है।किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे तंबू लगाने की अनुमति न मिलने के बावजूद संघर्ष जारी रखें क्योंकि यही एकमात्र विकल्प बचा है। किसानों ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए जमीन गंवाने वाले परिवारों के आश्रितों को रोजगार और स्थानीय फैक्टरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई है।