अभिनेता राकेश बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की याचिका, व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग

नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनालिटी राइट्स) की कानूनी सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। राकेश बेदी भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में पिछले चार दशकों से अधिक समय से एक जाने-पहचाने चेहरे हैं। वह अपने कॉमिक रोल और 'धुरंधर' फिल्मों में जमील जमाली के अपने हालिया किरदार के लिए जाने जाते हैं। यह मामला सबसे पहले जस्टिस अनुप जयराम भंबानी के समक्ष आया था। मामले का उल्लेख किए जाने के बाद इसे बौद्ध संपदा खंड (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन) मामलों से जुड़ी बेंच के पास भेज दिया गया।
दिल्ली हाई कोर्ट व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े विवादों के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है। अदालत ने बार-बार किसी सार्वजनिक हस्ती के नाम, छवि, आवाज या रूप के दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठाया है। इस तरह की सुरक्षा पाने वालों में अभिनेत्री तब्बू, क्रिकेटर युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा, कांग्रेस नेता शशि थरूर और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण शामिल हैं। इसके अलावा उद्यमी अमन गुप्ता, दक्षिण भारतीय फिल्मों के सितारे अल्लू अर्जुन, मोहनलाल और नागार्जुन, जूनियर एनटीआर, तथा बॉलीवुड से काजोल, आर माधवन, ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन जैसे नाम शामिल हैं। फिल्म निर्माता करण जौहर, आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य, गायक जुबिन नौटियाल और पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर को भी सुरक्षा मिल चुकी है। अभिनेता सलमान खान ने भी इसी तरह का मुकदमा दायर किया है।
अदालत का दायरा फिल्म और खेल जगत से भी आगे तक फैल गया है। पत्रकार सुधीर चौधरी को उनका प्रतिनिधित्व करने वाले एआई-उत्पादित वीडियो ऑनलाइन फैलने के बाद राहत मिली। पॉडकास्टर राज शमानी को एक जॉन डो आदेश दिया गया, जिसमें अदालत ने एक कंटेंट क्रिएटर के रूप में उनकी मजबूत जन पहचान का उल्लेख किया। कानूनी जानकारों ने इस प्रवृत्ति पर सवाल उठाए हैं। कुछ टिप्पणियों से पता चलता है कि भारत में व्यक्तित्व अधिकारों का मुकदमा गरिमा या गोपनीयता के सवालों से आगे बढ़ रहा है और एक अधिक केंद्रीकृत कानूनी तथा तकनीकी ढांचे के भीतर पहचान को नियंत्रित करने का साधन बनता जा रहा है।
1 दिसंबर 1954 को जन्मे राकेश बेदी ने 1970 के दशक के बाद से 150 से अधिक फिल्मों में काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने व्यापक टेलीविजन और मंच पर भी काम किया है। वह 'चश्मे बददूर' और 'मेरा दामाद' में हास्य भूमिकाओं के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं। हाल ही में, उन्होंने 'धुरंधर' द्वंद्व में जमील जमाली की भूमिका निभाने के लिए प्रशंसा अर्जित की। टेलीविजन पर उनके क्रेडिट में 'ये जो है जिंदगी', 'श्रीमान श्रीमती', 'यस बॉस', 'भाभी जी घर पर हैं', और 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शामिल हैं।