चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट की फटकार, अभिनेता राजपाल यादव ने पेश किया 1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsNational
चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट की फटकार, अभिनेता राजपाल यादव ने पेश किया 1.15 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस के एक पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी के बाद खुद अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यादव ने 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) पेश किया और बाकी की रकम चुकाने का भरोसा दिया।

यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म 'अटा पटा लापता' के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस कर्ज की वापसी के लिए दिए गए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक बाउंस हो गए थे, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। ब्याज और अन्य शुल्कों के कारण यह बकाया राशि समय के साथ बढ़ती गई। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में यादव को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

CJI ने चुटकी लेते हुए कहा- 'फिल्म की तरह पैसे भी हो गए लापता'

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चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने राजपाल यादव के व्यवहार पर सवाल उठाए और कहा कि कानून का इस्तेमाल इस तरह नहीं किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब CJI ने अभिनेता की फिल्म का जिक्र करते हुए मजाक में कहा, "आपकी फिल्म की तरह आपके पैसे भी अटा पटा लापता हो गए, यानी गायब हो गए।"

इस पर राजपाल यादव ने विनम्रता से जवाब दिया और अपनी मुश्किलों के साथ-साथ जेल में बिताए समय का जिक्र किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस फिल्म की वजह से उन्हें और निर्माताओं को करीब 200-250 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था। इस बातचीत के बाद CJI ने उन्हें एक अच्छी फिल्म बनाने और लोगों का मनोरंजन करने की सलाह दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाले वकील भी अच्छे अभिनेता होते हैं, उन्हें अपनी फिल्मों में लिया जा सकता है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भुगतान सुनिश्चित करने के लिए ही समय दिया जा रहा है। यादव के वकील ने बताया कि वे आरटीजीएस (RTGS) के जरिए भुगतान करना चाहते थे, लेकिन रजिस्ट्री में इसकी अनुमति नहीं थी, इसलिए डिमांड ड्राफ्ट लाया गया। शेष 85 लाख रुपये के लिए उनकी प्रॉपर्टी खरीदने वाला व्यक्ति भी कोर्ट में मौजूद था, जिसने भुगतान करने की सहमति दी।

सुप्रीम कोर्ट ने अब 13 अक्टूबर तक कुल 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि भुगतान पूरा होने के बाद ही दिल्ली हाई कोर्ट के सजा संबंधी आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर विचार किया जाएगा। कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि वे न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं और जो भी फैसला आएगा, उसे स्वीकार करेंगे।

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