'अराजकता फैलाना किसी का अधिकार नहीं', दिल्ली protests पर बोले राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में लोकतंत्र और विरोध प्रदर्शनों के अधिकार पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताने का अधिकार हर व्यक्ति के पास है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अराजकता फैलाई जाए। राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि अराजकता फैलाना किसी के भी अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
दैनिक जागरण समूह द्वारा आयोजित 'नरेन्द्र मोहन मेमोरियल लेक्चर' के दौरान रक्षा मंत्री ने संवैधानिक संस्थाओं की साख पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही तय करना जरूरी है, लेकिन जानबूझकर उनकी विश्वसनीयता को कम करने की कोशिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।
Gen Z और राष्ट्र निर्माण पर विचार
आज की युवा पीढ़ी यानी 'Gen Z' के बारे में बात करते हुए राजनाथ सिंह ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी बेहद जागरूक है और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझती है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, हो सकता है कि युवा कुछ समय के लिए भ्रमित हो जाएं या उन्हें गुमराह किया जाए, लेकिन राष्ट्र निर्माण के उनके लक्ष्य को कभी बदला नहीं जा सकता।
गौरतलब है कि राजनाथ सिंह की यह प्रतिक्रिया राजधानी दिल्ली में हो रहे भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आई है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान जंतर मंतर की ओर बढ़ रहे करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इस पूरे विवाद में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वे संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और एइसा (AISA) नेता नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें और उनके नेताओं को 'किडनैप' कर दो घंटे तक पुलिस वैन में घुमाया और फिर द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन ले जाया गया।