राजनाथ सिंह ने 'करम मिलन समारोह' में कहा, देश की सामूहिक चेतना राष्ट्र निर्माण को समर्पित है

नई दिल्ली में आयोजित 'करम मिलन समारोह' में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के विकास पर बात की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को देश की सोच में आए सकारात्मक बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिक और स्टार्टअप देश की तरक्की को आगे बढ़ा रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि गीता में योग को कर्म कौशल कहा गया है। आज देश की सोच बदल रही है और हम एक बड़े अवसर के सामने हैं। आज हमारे युवा देश की पहचान पर गर्व करते हैं। हमारे वैज्ञानिक सपनों को सच कर रहे हैं और स्टार्टअप वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह सब हमारी सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित सामूहिक चेतना की वजह से हो रहा है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI पर उपलब्ध है।
झारखंड के महत्व पर प्रकाश
समारोह में बोलते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने झारखंड के महत्व को रेखांकित किया। संजय सेठ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान से झारखंड एक अलग राज्य बना। उनकी प्रेरणा से ही झारखंड का आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन की रक्षा करता है। आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रही है, लेकिन हमारा आदिवासी समाज प्रकृति की रक्षा कर रहा है। झारखंड में सरहुल और करम दो त्योहार मनाए जाते हैं जो प्रकृति से जुड़े हैं। देश को हमारे सरहुल और करम त्योहारों के बारे में जानना चाहिए। इसी उद्देश्य से पिछले साल सरहुल महासम्मेलन और इस बार करम मिलन समारोह आयोजित किया गया है।
अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जितेंद्र सिंह भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री को भी एक आदिवासी गाने पर थिरकते हुए देखा गया। इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विश्व पर्यटन दिवस पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और विरासत संरक्षण पर जोर देने के कारण भारत का पर्यटन क्षेत्र नई गति देख रहा है और देश की पर्यटन क्षमता दुनिया के सामने आ रही है।