राजकुमार भाटी का वीडियो वायरल, अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं पर छिड़ा सियासी घमासान

दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित एक कार्यक्रम ने अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं का पाठ करते नजर आ रहे हैं। इन प्रतिज्ञाओं में हिंदू देवी-देवताओं में विश्वास न रखने जैसी बातें शामिल हैं, जिसके बाद विपक्षी दलों ने उन्हें आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है।
दरअसल, यह पूरा मामला 20 अक्टूबर 2026 को भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित 'धम्म दीक्षा' समारोह का है। इस कार्यक्रम में राजकुमार भाटी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा और आरएलडी जैसे राजनीतिक विरोधियों ने उन पर धर्म परिवर्तन करने के आरोप लगाए हैं और उनकी कड़ी आलोचना की है।
धर्म परिवर्तन की खबरों पर राजकुमार भाटी की सफाई
विवाद बढ़ता देख राजकुमार भाटी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने साफ तौर पर धर्म बदलने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वह जन्म से हिंदू हैं और हिंदू ही रहेंगे। भाटी के मुताबिक, उन्होंने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं और डॉ. अंबेडकर के आदर्शों के प्रति सम्मान जताने के लिए उन प्रतिज्ञाओं को पढ़ा था।
उन्होंने आगे कहा कि एक राजनीतिक प्रतिनिधि के तौर पर वह अक्सर गुरुद्वारों और मुस्लिम मजलिसों जैसे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहते हैं। भाटी ने इस पूरे विवाद के पीछे भाजपा आईटी सेल का हाथ होने का दावा किया है और आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए गलत सूचना फैलाई जा रही है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राजकुमार भाटी विवादों में घिरे हों। इससे पहले मई 2026 में ब्राह्मण समुदाय और 'पंचांग' को लेकर उनकी एक टिप्पणी वायरल हुई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी थी।