eMudhra सुरक्षा चूक चिंताजनक, सरकार कंपनी पर करे सख्त कार्रवाई: राजीव चंद्रशेखर

बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने eMudhra डिजिटल सर्टिफिकेट सुरक्षा चूक को गंभीर बताया और सरकार से कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsNational
eMudhra सुरक्षा चूक चिंताजनक, सरकार कंपनी पर करे सख्त कार्रवाई: राजीव चंद्रशेखर

डिजिटल इंडिया के दौर में जब हम अपनी हर छोटी-बड़ी ट्रांजैक्शन और डेटा के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं, तब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में किसी भी तरह की सेंधमारी बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसी कड़ी में बीजेपी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने eMudhra security incident को बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप करने और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है।

राजीव चंद्रशेखर ने एएनआई (ANI) से बातचीत में कहा कि डिजिटल सर्टिफिकेट और कीज़ (keys) का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट्स और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा करना होता है। ऐसे में अगर उनके जनरेशन की प्रक्रिया में ही कमजोरी रह जाती है, तो यह पूरे डिजिटल सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि यह वाकई परेशान करने वाली बात है कि एक कंपनी ने इस काम में इतनी बड़ी लापरवाही बरती।

क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा खतरा?

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दरअसल, यह पूरा विवाद e-Mudhra से जुड़ी आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेशन अथॉरिटी कीज़ के इर्द-गिर्द है। जांच में पाया गया कि इन कीज़ को जेनरेट करने के तरीके में गंभीर खामियां थीं, जिससे ये 'क्रिप्टोग्राफिकली' कमजोर हो गईं। आसान शब्दों में कहें तो, इस कमजोरी की वजह से हमलावर प्राइवेट कीज़ को हासिल कर सकते थे।

अगर कोई हैकर इन कमजोरियों का फायदा उठाता, तो वह फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बना सकता था। इसके जरिए वह किसी असली वेबसाइट का रूप धरकर लोगों को धोखा दे सकता था, जिससे फिशिंग और अन्य बड़े साइबर हमलों का खतरा बढ़ जाता। डिजिटल सर्टिफिकेट दरअसल पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) का हिस्सा होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि आप जिस वेबसाइट पर जा रहे हैं वह असली है और आपका कनेक्शन सुरक्षित है।

इस खतरे को देखते हुए गूगल और मोज़िला जैसे बड़े ब्राउज़र प्रोवाइडर्स ने कदम उठाए और प्रभावित सर्टिफिकेट्स पर भरोसा न करने (distrust) का फैसला किया, ताकि यूजर्स को किसी भी तरह के धोखे से बचाया जा सके। अब मांग की जा रही है कि सरकार इस पूरी घटना की गहराई से जांच करे ताकि भविष्य में डिजिटल ट्रस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाया जा सके।

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