रामलीला मैदान मार्च में नहीं पहुंचे नेता, इंडियन यूथ कांग्रेस ने राजस्थान के 31 पदाधिकारियों को किया निलंबित
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित मार्च में शामिल न होने पर इंडियन यूथ कांग्रेस ने राजस्थान के 31 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने अनुशासन का कड़ा संदेश देते हुए राजस्थान यूथ कांग्रेस के 31 पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह बड़ी कार्रवाई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'रामलीला मार्च' में अनुपस्थित रहने के कारण की गई है। संगठन के केंद्रीय नेतृत्व ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पदाधिकारियों की गैर-हाजिरी को गंभीरता से लिया है और उनके खिलाफ यह सख्त कदम उठाया है।
निलंबन का आधिकारिक आदेश आईवाईसी मुख्यालय से जारी किया गया, जिस पर राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव विकास चिकारा के साथ-साथ सचिव और सह-प्रभारी ज्ञानेश शुक्ला के हस्ताक्षर हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि दिल्ली में हुए मार्च से अनुपस्थित रहने के कारण इन पदाधिकारियों को अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है।
इन बड़े नामों पर गिरी गाज
इस कार्रवाई की जद में कई वरिष्ठ और विभागीय नेता आए हैं। निलंबित होने वालों में प्रमुख रूप से दौसा के एससी/एसटी उपाध्यक्ष प्रकाश चंद मीणा शामिल हैं। अल्पसंख्यक विंग में भी बड़ी छंटनी हुई है, जिसमें अलवर के सद्दाम हुसैन मेव, अजमेर ग्रामीण के फैजान हसन कुरैशी, भीलवाड़ा ग्रामीण के जाफर हुसैन मीर और चित्तौड़गढ़ की सलमा पिनारा जैसे महासचिवों को उनके पदों से हटा दिया गया है।
इसके अलावा, ओबीसी विंग के महासचिव रामफूल ढाकर (भीलवाड़ा ग्रामीण) और गणेश देवासी (जोधपुर ग्रामीण) के साथ-साथ एससी विंग के अर्जुन सिंह बोछवत और दीपक मेघवाल को भी निलंबित किया गया है। ओपन कैटेगरी से महासचिव ठाकुर बिश्नोई और मंजुला देसाई पर भी यह कार्रवाई हुई है।
सबसे ज्यादा असर राज्य सचिवों पर पड़ा है, जिनमें कुल 20 लोग शामिल हैं। इनमें सवाई माधोपुर के आशीष बैरवा टटवाल, ब्यावर के हिमांशु शर्मा और दिनेश कुमार गुर्जर, जालौर के सुरेश गोदारा, गंगानगर के नवाब खान, करौली के संग्राम सिंह गुर्जर, बीकानेर शहरी के मुजाहिद कुरैशी सहित कई अन्य जिला स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं।
बता दें कि 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली की थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने और जेल भेजने की बात कही थी। हालांकि, बीजेपी ने इस रैली की भीड़ को लेकर सवाल उठाए थे और दावा किया था कि मैदान का एक बड़ा हिस्सा खाली था।