रायपुर-लखनादौन इकोनॉमिक कॉरिडोर की तैयारी, अब दिल्ली पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 14 घंटे

अगर आप रायपुर से दिल्ली या उत्तर भारत के अन्य बड़े शहरों की यात्रा करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रायपुर-लखनादौन इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। इस रणनीतिक प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद रायपुर से दिल्ली के बीच का सफर, जिसमें अभी करीब 24 घंटे का समय लगता है, घटकर महज 14 से 16 घंटे रह जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'भारतमाला परियोजना फेज-I' का एक अहम हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में हाई-स्पीड और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर विकसित करना है, ताकि माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सके। यह कॉरिडोर न केवल दिल्ली, बल्कि ग्वालियर और आगरा जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा।
कनेक्टिविटी का नया जाल: एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे शहर
रायपुर को उत्तर भारत से जोड़ने के लिए कई प्रोजेक्ट्स एक साथ काम कर रहे हैं। रायपुर-लखनादौन कॉरिडोर के साथ-साथ 464 किलोमीटर लंबा रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे (NH-130CD) भी बन रहा है, जिसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह पूरा नेटवर्क रायपुर को जबलपुर, सागर, ग्वालियर और आगरा जैसे केंद्रों से जोड़ देगा।
दिल्ली-NCR तक पहुंच को और आसान बनाने के लिए 88.4 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (NH-719D) भी निर्माणाधीन है, जिसके 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इस एक्सप्रेसवे का काम G.R. Infraprojects Ltd. को सौंपा गया है, जो आगे चलकर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और ट्रैफिक को सीधे दिल्ली की ओर मोड़ेगा।
इसके अलावा, ग्वालियर-लखनादौन एक्सप्रेसवे की योजना भी बनाई गई है। यह 530 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड प्रोजेक्ट होगा। हालांकि, इसका निर्माण कार्य 2028 से पहले शुरू होने की संभावना नहीं है, लेकिन एक बार तैयार होने के बाद यह ग्वालियर और लखनादौन के बीच की यात्रा के समय को घटाकर केवल पांच घंटे कर देगा।