भारी बारिश का कहर: दिल्ली और अमृतसर की मंडियों में अनाज बर्बाद, किसान परेशान

कुदरत की मार ने एक बार फिर अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को हुई भारी बारिश ने दिल्ली और अमृतसर की कृषि मंडियों में तबाही मचाई है। खुले आसमान के नीचे रखे अनाज के ढेर बारिश की भेंट चढ़ गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली के नरेला स्थित न्यू ग्रेन मार्केट और पंजाब के अमृतसर की मंडियों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
नरेला मंडी में आए किसानों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी फसल बर्बाद हुई। किसानों ने शिकायत की कि मंडी में पर्याप्त टिन शेड नहीं हैं और जो टेंट लगाए गए थे, वे इस भीषण बारिश को रोकने में नाकाम रहे। उत्तर प्रदेश के एटा और जलेश्वर से आए किसानों सहित अमृतसर के केवलजीत सिंह जैसे कई किसानों ने बताया कि उनकी मेहनत से उगाई गई फसल नमी के कारण खराब हो गई है, जिससे अब उन्हें बड़ा वित्तीय घाटा झेलना पड़ेगा।
प्रशासन की लापरवाही और राजनीतिक घमासान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार दोपहर और रात के लिए दिल्ली क्षेत्र में गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद, मंडियों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। अब प्रभावित किसान सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और फसल नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
इस घटना ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मजीठिया ने इसे सरकार की पूरी तरह विफलता बताते हुए आरोप लगाया कि फसल पकने के बावजूद समय पर खरीद और उठान शुरू नहीं किया गया, जिसके कारण किसानों को कम दामों पर फसल बेचनी पड़ी। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसान पिछले फसल नुकसान और बाढ़ के मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, जो अब तक नहीं मिला है।