'किसी भी तरह की सेंसरशिप गलत है', बीकानेर हाउस में तस्वीरों को हटाने पर बोले रायहन वाड्रा

रायहन वाड्रा ने बीकानेर हाउस प्रबंधन पर अपनी कला प्रदर्शनी में सेंसरशिप लगाने का आरोप लगाया है। जानें क्या है पूरा मामला।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
'किसी भी तरह की सेंसरशिप गलत है', बीकानेर हाउस में तस्वीरों को हटाने पर बोले रायहन वाड्रा

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रायहन वाड्रा ने अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी लगाने को गलत बताया है। रायहन ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी कला प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ (No Idea Is Final) के खुलने से महज कुछ घंटे पहले उन्हें दिल्ली के युवा आंदोलनों को दर्शाने वाली तस्वीरों को हटाने के लिए कहा।

रायहन वाड्रा के मुताबिक, यह प्रदर्शनी गुरुवार शाम 7 बजे शुरू होनी थी, लेकिन उससे 24 घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे संपर्क किया और कहा कि कुछ तस्वीरें उनकी पॉलिसी के खिलाफ हैं। रायहन ने इस पर चर्चा करने की इच्छा जताई, लेकिन उन्हें अगले दिन दोपहर तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर ने उन्हें उन तस्वीरों को हटाने का निर्देश दिया, जिनमें पिछले एक साल के दौरान दिल्ली में हुए युवा आंदोलनों को दिखाया गया था।

प्रबंधन की कार्रवाई पर उठाए सवाल

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रायहन ने प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने एक हफ्ते पहले ही लेआउट साझा कर दिया था, फिर भी आखिरी समय में यह आपत्ति जताई गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं की अधिकांश तस्वीरें पहले ही हटा दी थीं और वे किसी भी ऐसी तस्वीर को बदलने के लिए तैयार थे जो पॉलिसी का उल्लंघन करती हो। हालांकि, प्रबंधन ने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि उन 70 तस्वीरों में से कोई भी नहीं लगाई जाएगी।

रायहन का दावा है कि दोपहर 3:30 बजे उन्हें एक नोटिस मिला, जिसमें कहा गया कि अगर तस्वीरें 4 बजे तक नहीं हटाई गईं, तो शाम 5 बजे तक बिल्डिंग को सील कर दिया जाएगा और प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज वाली दो तस्वीरों पर भी आपत्ति जताई, लेकिन लिखित में कोई कारण नहीं दिया।

रायहन ने कहा, "मैं नहीं जानता कि कहीं और से कोई दबाव था या नहीं, लेकिन यह फैसला प्रबंधन ने ही लिया। सार्वजनिक संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे कलाकारों और क्यूरेटर्स के प्रति जवाबदेह रहें। अभिव्यक्ति की आजादी पर इस तरह की रोक लगाना गलत है।"

इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपने बेटे का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह अनजाने में उसी शक्ति को खो देता है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने रायहन के प्रति अपना गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें सच्चाई के साथ खड़े रहने की सलाह दी।

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