'कला पर पाबंदी गलत': बीकानेर हाउस में तस्वीरों को हटाने पर भड़के रायहन वाड्रा
रायहन वाड्रा ने बीकानेर हाउस द्वारा उनकी प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने के फैसले पर नाराजगी जताई है। जानें क्या है पूरा मामला।

दिल्ली के बीकानेर हाउस में अपनी प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' (No Idea is final) लगाने पहुंचे रायहन वाड्रा एक विवाद में फंस गए हैं। रायहन ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि उन्हें कुछ तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया क्योंकि वे 'राजनीतिक' थीं। इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए रायहन ने कहा कि किसी भी तरह की कला पर पाबंदी लगाना पूरी तरह से गलत है।
रायहन के मुताबिक, उनकी प्रदर्शनी में दो कमरों में कुल 74 तस्वीरें थीं, जिनमें पिछले एक साल के युवा आंदोलनों, स्ट्रीट फोटोग्राफी और जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शनों की झलक थी। उन्होंने दावा किया कि बीकानेर हाउस के प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर ने उन्हें बताया कि भारत और दिल्ली के मौजूदा हालातों और समय को देखते हुए ये तस्वीरें राजनीतिक प्रकृति की हैं और संस्थान की पॉलिसी के खिलाफ हैं। हैरानी की बात यह है कि रायहन का कहना है कि उन्हें इस बारे में शो शुरू होने से महज 24 घंटे पहले सूचित किया गया।
तिरंगे की तस्वीरों पर भी उठा सवाल
इस पूरे विवाद में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रायहन का दावा है कि आपत्तिजनक तस्वीरों में तिरंगे की तस्वीरें भी शामिल थीं। रायहन ने बताया, "दो तस्वीरें ऐसी थीं जिनमें सिर्फ भारतीय झंडा था। मैंने प्रबंधन से कहा कि आप तिरंगे की फोटो पर आपत्ति कैसे जता सकते हैं? जब मैंने इस आदेश को लिखित में देने की मांग की, तो उन्होंने मुझे कुछ भी लिखित में नहीं दिया।"
रायहन ने आगे कहा कि अगर किसी कलाकृति में बहुत ज्यादा उग्र राजनीतिक नारे हों या अश्लीलता हो, तो उसे समझना आसान है, लेकिन बिना किसी ठोस आधार के 75 तस्वीरों को हटा देना अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
इस मामले में रायहन की मां और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपना समर्थन जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए लिखा कि जब सत्ता में बैठा व्यक्ति किसी की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह अनजाने में उस शक्ति को खो देता है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, रॉबर्ट वाड्रा ने भी अपने बेटे की पोस्ट को साझा कर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। फिलहाल, रायहन की यह प्रदर्शनी सीमित रूप में जारी रहेगी और अगले महीने बेंगलुरु में भी आयोजित की जाएगी।