पुलिसकर्मियों पर हमले का आरोप: राहुल और प्रियंका गांधी के खिलाफ 3 FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डाली गई और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की व बदसलूकी की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में और भी केस दर्ज किए जा सकते हैं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसद मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद वहां काफी गहमागहमी पैदा हो गई। इस दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लेकर बाराखंबा रोड थाने ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा को छत्रसाल स्टेडियम पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
संविधान बचाने की लड़ाई: राहुल-प्रियंका का पलटवार
हिरासत में लिए जाने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला। प्रियंका गांधी ने पुलिस वाहन से संविधान की कॉपी लहराते हुए कहा कि वह संविधान की रक्षा के लिए अपनी जान तक देने को तैयार हैं। वहीं, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि तानाशाह मोदी सरकार और चुनाव आयोग का गठबंधन बेनकाब हो चुका है। उन्होंने साफ किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब पुलिस ने उन्हें परिसर खाली करने को कहा, तो उन्होंने इनकार कर दिया और मांग की कि सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने दिया जाए। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। राहुल गांधी को बैरिकेड्स हटाने की कोशिश करते हुए भी देखा गया, हालांकि हिरासत के दौरान उन्होंने मीडिया को जीत का संकेत (विक्ट्री साइन) दिया।