दिल्ली: आकाशवाणी भवन में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, राहुल और प्रियंका गांधी हिरासत में

देश की राजधानी दिल्ली में सियासी पारा एक बार फिर गरमा गया है। चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने निकले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन से हिरासत में ले लिया है। यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे।
दरअसल, विपक्षी दलों ने 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला था, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी सहित कई दिग्गज नेता आकाशवाणी भवन के सामने धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद पवन खेरा, केसी वेणुगोपाल और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। मौके पर न्यू दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा अपनी टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे। इससे पहले पुलिस ने यूथ कांग्रेस और NSUI के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया था।
वोट चोरी के आरोपों पर छिड़ी जंग
कांग्रेस नेताओं का यह विरोध चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभ्यास को लेकर है। धरने पर बैठे कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए इसे 'वोट चोरों' से लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया।
वहीं, राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयुक्त विपक्षी नेताओं से मिलें और मतदाता सूची के रिवीजन को लेकर उनके सवालों के जवाब दें।
इस बीच, सोशल मीडिया पर यह खबर भी उड़ी कि गृह मंत्रालय ने प्रदर्शन खत्म करने के लिए राहुल और प्रियंका गांधी से संपर्क किया है, लेकिन पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। सरकार की ओर से ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया गया है।